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निजीकरण के विरोध लामबंद हुए विद्युतकर्मी
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:44 PM IST
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आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा पांच बड़े शहरों की बिजली व्यवस्था प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में बिजली कर्मचारी लामबंद हो गए है। विद्युत कर्मियों ने शनिवार को वितरण खंड प्रथम कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी किया। इस धरना प्रदर्शन में बिजली विभाग के विभिन्न संगठन शामिल रहे।
प्रदेश सरकार ने लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और मुरादाबाद शहर की बिजली व्यवस्था को प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से बिजली कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। बिजली विभाग के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी शनिवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय पर जुटे और सरकार के इस निर्णय पर विरोध दर्ज कराया। अभियंता संघ के जोनल सेक्रेटरी चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि सरकार पुंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है। सभी महानगरों में विभाग का काम अच्छा है। इन सभी महानगरों का थ्रूरेट आगरा महानगर में बिजली का काम देख रही प्राइवेट कंपनी टोरंट के रेट 3.5 रुपये से काफी बेहतर है। बिजली कर्मचारी सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करेंगे। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने 27 मार्च को निजीकरण के विरोध में हड़ताल का भी ऐलान किया। इस अवसर पर एके सिंह, आरपीएस यादव, विरेंद्र सिंह, संदीप प्रजापति, अंबुज तिवारी, विकास सिंह समेत काफी संख्या में बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
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प्रदेश सरकार ने लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और मुरादाबाद शहर की बिजली व्यवस्था को प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से बिजली कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। बिजली विभाग के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारी शनिवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय पर जुटे और सरकार के इस निर्णय पर विरोध दर्ज कराया। अभियंता संघ के जोनल सेक्रेटरी चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि सरकार पुंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है। सभी महानगरों में विभाग का काम अच्छा है। इन सभी महानगरों का थ्रूरेट आगरा महानगर में बिजली का काम देख रही प्राइवेट कंपनी टोरंट के रेट 3.5 रुपये से काफी बेहतर है। बिजली कर्मचारी सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करेंगे। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने 27 मार्च को निजीकरण के विरोध में हड़ताल का भी ऐलान किया। इस अवसर पर एके सिंह, आरपीएस यादव, विरेंद्र सिंह, संदीप प्रजापति, अंबुज तिवारी, विकास सिंह समेत काफी संख्या में बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
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