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श्रम कार्यालय मौन, बंदी के बाद खुली रही दूकानें
Updated Mon, 02 Oct 2017 11:43 PM IST
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आजमगढ़। सरकार की ओर से सार्वजनिक अवकाश पर सभी दूकानों को बंद करने का निर्देश है। साथ ही रविवार को साप्ताहिक बंदी के दिन भी सभी दूकानों को बंद रखने का निर्देश जारी है। लेकिन श्रम विभाग की उदासीनता से सोमवार को गांधी जयंती के दिन नगर क्षेत्र की ज्यादातर दूकानें खुली रहीं।
गांधी जयंती के सार्वजनिक अवकाश पर जहां सरकारी कार्यालय बंद रहे वहीं बंदी के बाद भी नगर क्षेत्र की ज्यादातर दूकानें बंद रहीं। जिन दूकानदारों ने अपनी दूकानें बंद रखी थी वह दूसरे से पूछ रहे थे कि कहीं दूकान खोलने के लिए कोई निर्देश आया है क्या। लेकिन कोई भी कुछ बता नहीं रहा था। वहीं पूर्व जिलाधिकारी द्वारा घोषित रविवार बंदी का असर उनके जाने के बाद बेअसर दिख रहा है। रविवार को भी नगर का एक माल बराबर खुलता है। जिसकी तरफ प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। माल को खुलता देख अन्य माल संचालक और दूकानदार भी अपने माल और दूकान को रविवार की बंदी के दिन भी खोलने की फिराक में हैं। पूर्व जिलाधिकारी के समय में श्रम विभाग भी काफी सक्रिय नजर आया लेकिन उनके जाने के बाद विभाग के अधिकारी मौन साधे सबकुछ देख रहे हैं।
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गांधी जयंती के सार्वजनिक अवकाश पर जहां सरकारी कार्यालय बंद रहे वहीं बंदी के बाद भी नगर क्षेत्र की ज्यादातर दूकानें बंद रहीं। जिन दूकानदारों ने अपनी दूकानें बंद रखी थी वह दूसरे से पूछ रहे थे कि कहीं दूकान खोलने के लिए कोई निर्देश आया है क्या। लेकिन कोई भी कुछ बता नहीं रहा था। वहीं पूर्व जिलाधिकारी द्वारा घोषित रविवार बंदी का असर उनके जाने के बाद बेअसर दिख रहा है। रविवार को भी नगर का एक माल बराबर खुलता है। जिसकी तरफ प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। माल को खुलता देख अन्य माल संचालक और दूकानदार भी अपने माल और दूकान को रविवार की बंदी के दिन भी खोलने की फिराक में हैं। पूर्व जिलाधिकारी के समय में श्रम विभाग भी काफी सक्रिय नजर आया लेकिन उनके जाने के बाद विभाग के अधिकारी मौन साधे सबकुछ देख रहे हैं।
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