{"_id":"5a1073264f1c1bdb538be061","slug":"71-madrassa-teachers-working-without-qualifying-job","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अर्हता नौकरी करते मिले 71 मदरसा शिक्षक-कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अर्हता नौकरी करते मिले 71 मदरसा शिक्षक-कर्मी
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
Guest Teachers
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। शासन के आदेश के बाद मदरसों की सूचना पोर्टल पर अपलोड होने के बाद हुई जांच में जिले के कुल 20 अनुदानित मदरसों में 71 और मदरसा शिक्षक एवं कर्मचारी बिना अर्हता और नियम विरुद्ध नौकरी़ करते मिले हैं।
मामले की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड को भेज दी गई है और सभी के वेतन रोक दिए गए हैं। वहीं, 350 मदरसों की जांच में अभी तक मात्र 125 ही सही पाए गए हैं। रिपोर्ट के बाद शेष मदरसों का अस्तित्व अपने आप ही समाप्त हो जाएगा।
मदरसों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी के बाद शासन की ओर से 15 अक्तूबर तक सभी मदरसों की सूचना पोर्टल पर आनलाइन अपलोड करने के आदेश दिए थे। इसमें अनुदानित, मान्यता प्राप्त और अधुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरसों की ओर से सूचनाएं अपलोड की गई थी।
विज्ञापन
इसमें जिले में 657 मदरसों की ओर से वेबसाइट पर सूचाएं अपलोड की गई थीं। इसके बाद 522 मदरसों की ओर से सूचनाओं की हॉर्डकापी जिला अल्पसंख्यक कल्याण आफिस में उपलब्ध कराई गई थी। 20 अनुदानित मदरसों के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने बताया कि 71 शिक्षक और कर्मचारी ऐसे मिले हैं, जो बिना आर्हता और नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी कर रहे थे। मामले की रिपोर्ट रजिस्ट्रार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेज दी गई है।
अब वहीं से मामले में कार्रवाई की जाएगी। जून माह में शासन की ओर से जिलाधिकारी के आदेश ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से मदरसों की जांच की गई थी। इसमें जांच रिपोर्ट के बाद तीन मदरसों और 14 शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई थी।
इसके बाद फिर इतने शिक्षक कार्रवाई की जद में आने से हड़कंप की स्थिति है। वहीं, जिन 522 मदरसों की ओर से सूचनाओं की हार्ड कापी कार्यालय में उपलब्ध कराई गई थी। इसमें से लगभग 350 की जांच की जा चुकी है। इसमें 125 ही मानक के अनुसार मिले हैं।
इसकी सूचना पोर्टल पर उनकी ओर से लॉक कर दी गई है। शेष मदरसों के मानक पूरे न होने पर उनका आस्तित्व अपने आप ही समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा अन्य 172 मदरसों की जांच अभी की जा रही है। इसमें भी कई के मानक अनुरूप न मिलने के आशंका जताई जा रही है।
जांच के बाद अनुदानित मदरसों में 71 शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नियम विरुद्ध नौकरी करते मिलने पर इनकी रिपोर्ट रजिस्ट्रार को भेजी गई है। सभी के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। आगे की कार्रवाई लखनऊ से की जाएगी। वहीं, अबतक 350 मदरसों की हुई जांच में 125 ही मानक के अनुरूप मिले हैं। जांच जारी है।
साहित्य निकस सिंह, डीएमओ
विज्ञापन
मामले की रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड को भेज दी गई है और सभी के वेतन रोक दिए गए हैं। वहीं, 350 मदरसों की जांच में अभी तक मात्र 125 ही सही पाए गए हैं। रिपोर्ट के बाद शेष मदरसों का अस्तित्व अपने आप ही समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
मदरसों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी के बाद शासन की ओर से 15 अक्तूबर तक सभी मदरसों की सूचना पोर्टल पर आनलाइन अपलोड करने के आदेश दिए थे। इसमें अनुदानित, मान्यता प्राप्त और अधुनिकीकरण योजना से आच्छादित मदरसों की ओर से सूचनाएं अपलोड की गई थी।
विज्ञापन
इसमें जिले में 657 मदरसों की ओर से वेबसाइट पर सूचाएं अपलोड की गई थीं। इसके बाद 522 मदरसों की ओर से सूचनाओं की हॉर्डकापी जिला अल्पसंख्यक कल्याण आफिस में उपलब्ध कराई गई थी। 20 अनुदानित मदरसों के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की गई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह ने बताया कि 71 शिक्षक और कर्मचारी ऐसे मिले हैं, जो बिना आर्हता और नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी कर रहे थे। मामले की रिपोर्ट रजिस्ट्रार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को भेज दी गई है।
अब वहीं से मामले में कार्रवाई की जाएगी। जून माह में शासन की ओर से जिलाधिकारी के आदेश ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से मदरसों की जांच की गई थी। इसमें जांच रिपोर्ट के बाद तीन मदरसों और 14 शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई थी।
इसके बाद फिर इतने शिक्षक कार्रवाई की जद में आने से हड़कंप की स्थिति है। वहीं, जिन 522 मदरसों की ओर से सूचनाओं की हार्ड कापी कार्यालय में उपलब्ध कराई गई थी। इसमें से लगभग 350 की जांच की जा चुकी है। इसमें 125 ही मानक के अनुसार मिले हैं।
इसकी सूचना पोर्टल पर उनकी ओर से लॉक कर दी गई है। शेष मदरसों के मानक पूरे न होने पर उनका आस्तित्व अपने आप ही समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा अन्य 172 मदरसों की जांच अभी की जा रही है। इसमें भी कई के मानक अनुरूप न मिलने के आशंका जताई जा रही है।
जांच के बाद अनुदानित मदरसों में 71 शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नियम विरुद्ध नौकरी करते मिलने पर इनकी रिपोर्ट रजिस्ट्रार को भेजी गई है। सभी के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। आगे की कार्रवाई लखनऊ से की जाएगी। वहीं, अबतक 350 मदरसों की हुई जांच में 125 ही मानक के अनुरूप मिले हैं। जांच जारी है।
साहित्य निकस सिंह, डीएमओ