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Azamgarh News: 65 होटलों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत लगेगा जुर्माना
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मंडल के करीब 65 होटल बिना ट्रीटमेंट के ही प्रयोग किए गए जल को बाहर बहा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद भी यह अपने यहां एसटीपी प्लांट नहीं लगवा रहे हैं। अब बोर्ड इनको अंतिम नोटिस भेजकर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत जुर्माना लगाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आजमगढ़, मऊ व बलिया के अंतर्गत आने वाले 65 बड़े होटलों को नोटिस भेजकर संचालकों से होटलों में एसटीपी प्लांट लगाकर विभाग से सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया था। ताकि होटलों में प्रयोग किए जल को बिना ट्रीटमेंट किए बाहर न बहाया जा सके। तीनों जनपदों में कई बड़े होटल हैं। इनमें, सफाई, धुलाई व अन्य दैनिक क्रिया के लिए बड़े पैमाने पर जल का प्रयोग किया जाता है। प्रयोग किए गए पानी के ट्रीटमेंट की इनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण संचालक होटल में प्रयोग किए गए पानी को बिना ट्रीटमेंट के लिए खुले या फिर नदी में बहा दे रहे हैं। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस खतरे को रोकने और होटलों में एसटीपी की व्यवस्था करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंडल के 65 होटलों को दो बार नोटिस भेजा। इसके बाद भी संचालक अपने होटलों में न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए हैं और न ही बोर्ड से जलवायु सहमति ही प्राप्त किए।
मंडल के 65 होटलों को एसटीपी लगाकर विभाग से जलवायु सहमति प्राप्त करने के लिए दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। लेकिन किसी ने इसका पालन नहीं किया। एक-दो दिन में अंतिम नोटिस जारी होने वाली है। नोटिस के 15 दिन के बाद इस पर काम न करने वाले होटलों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाएगी। - अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आजमगढ़, मऊ व बलिया के अंतर्गत आने वाले 65 बड़े होटलों को नोटिस भेजकर संचालकों से होटलों में एसटीपी प्लांट लगाकर विभाग से सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया था। ताकि होटलों में प्रयोग किए जल को बिना ट्रीटमेंट किए बाहर न बहाया जा सके। तीनों जनपदों में कई बड़े होटल हैं। इनमें, सफाई, धुलाई व अन्य दैनिक क्रिया के लिए बड़े पैमाने पर जल का प्रयोग किया जाता है। प्रयोग किए गए पानी के ट्रीटमेंट की इनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण संचालक होटल में प्रयोग किए गए पानी को बिना ट्रीटमेंट के लिए खुले या फिर नदी में बहा दे रहे हैं। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस खतरे को रोकने और होटलों में एसटीपी की व्यवस्था करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंडल के 65 होटलों को दो बार नोटिस भेजा। इसके बाद भी संचालक अपने होटलों में न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए हैं और न ही बोर्ड से जलवायु सहमति ही प्राप्त किए।
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मंडल के 65 होटलों को एसटीपी लगाकर विभाग से जलवायु सहमति प्राप्त करने के लिए दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। लेकिन किसी ने इसका पालन नहीं किया। एक-दो दिन में अंतिम नोटिस जारी होने वाली है। नोटिस के 15 दिन के बाद इस पर काम न करने वाले होटलों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाएगी। - अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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