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20 हजार से अधिक सालाना फीस ली तो खत्म होगी मान्यता

Fri, 02 Nov 2018 11:29 PM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:29 PM IST
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20 हजार से अधिक सालाना फीस ली तो खत्म होगी मान्यता
आजमगढ़। प्राइवेट विद्यालयों के मनमाने शुल्क पर लगाम लगाने की कवायद एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। शासन ने अपने पूर्व के शासनादेश में कुछ संशोधन करने के साथ ही नया फरमान जारी किया है। इसके तहत अब जिला स्तर पर शुल्क नियामक समिति गठित होगी। यह समिति 20 हजार से अधिक शुल्क लेने की पहली शिकायत मिलने पर एक लाख, दूसरी शिकायत पर पांच लाखा और तीसरी शिकायत मिलने पर मान्यता खत्म करने की संस्तुति कर देगी। उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत अब जिले स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति गठित किया गया है। यह समिति सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त/संबद्ध सभी स्ववित्त पोषित नर्सरी, प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कालेज के शुल्क व्यवस्था पर नजर रखेगी। शासन ने प्राइवेट विद्यालयों के लिए प्रति छात्र 20 हजार रुपये वार्षिक फीस निर्धारित की है। इससे अधिक फीस वसूल किए जाने पर अभिभावक पहले प्रधानाचार्य से शिकायत करेंगे। वहां कोई सुनवाई न होने पर पहली बार नियामक समिति के समक्ष शिकायत होने पर विद्यालय पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगेगा। दूसरी बार शिकायत हुई तो पांच लाख का जुर्माना लगाया जाएगा और यदि तीसरी बार शिकायत हुई तो उक्त विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति कर दी जाएगी। इसके साथ ही अभिभावक से जो अधिक शुल्क जमा कराया गया है, उसे वापस भी कराया जाएगा।
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विद्यालयों को इन नियमों का करना होगा पालन
आजमगढ़। शासनादेश के अनुरूप विद्यालयों को शुल्क संग्रह की प्रक्रिया को खुली, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना होगा। शैक्षिक सत्र शुरू होने के पूर्व समुचित प्राधिकारी को आगामी सत्र के शुल्क विवरण को प्रस्तुत करना होगा। प्रवेश के साठ दिन पूर्व ही शुल्क विवरण विद्यालय को अपने वेबसाइट पर अपलोड करना व सूचना पट्ट पर चस्पा करना होगा। किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। जो भी शुल्क वसूल किया जाएगा, उसकी रसीद भी दी जाएगी। किसी भी छात्र को किताब, ड्रेस, जूता, मोजा आदि की खरीद किसी विशेष दुकान ने करने का दबाव नहीं बनाया जा सकता। पांच साल के पूर्व ड्रेस में परिवर्तन भी विद्यालय नहीं कर सकेंगे।
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कमेटी में डीएम-डीआईओएस के अलावा पांच सदस्य शामिल
आजमगढ़। शासनादेश के अनुरूप जिला स्तर पर जो शुल्क नियामक समिति गठित की गई है। उसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, डीआईओएस सचिव है। इसके अलावा एक सीए के रुप में नोमान अहमद, एक्सईएन पीडब्लूडी, वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक, अभिभावक मुन्नी लाल व प्रधानाचार्य एसबी इंटर कालेज को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
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उत्तर प्रदेश अभिभावक संघ ने जताई खुशी
आजमगढ़। डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा द्वारा शासनादेश के अनुरूप निर्देश जारी करने पर उत्तर प्रदेश अभिभावक संघ ने खुशी जताई है। अध्यक्ष युधिष्ठिर दूबे व महासचिव गोविंद दूबे ने कहा कि संगठन के संघर्षों का यह परिणाम है। जिला स्तर पर समिति के गठित होने से अभिभावकों को काफी सहुलियत होगी। उम्मीद जताई कि शुल्क नियामक समिति निश्चित तौर पर शासनादेश के अनुरूप कार्रवाई करेगा।
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