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जिले में जारी है मिलावट का कारोबार
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल किस प्रकार जारी है इसका अंदाजा खाद्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई और इसकी जांच के परिणामों को देखकर लगाया जा सकता है। जनवरी से अब तक टीम ने कुल 198 नमूने लिए हैं जिसमें से जांच के दौरान 97 नमूने फेल पाए गए।
अक्सर त्योहारों के सीजन में ही खाद्य विभाग की टीम जागती है। इसके बाद टीम कार्रवाई करने मैदान में उतरती है। टीम द्वारा नमूने लेकर फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद उस पर कार्रवाई की जाती है। खाद्य विभाग की टीम द्वारा लिए गए नमूनों की जांच की व्यवस्था नहीं है इसे जांच के लिए लखनऊ स्थित फोरेंसिक लैब में भेजा जाता है। इस वर्ष विभाग द्वारा जनवरी से लेकर अब तक की कार्रवाई पर नजर डालें तो इस दौरान विभाग की टीम ने कुल 198 नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया। जांच में 97 नमूने फेल हुए। सभी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया। उनके खिलाफ 42 लाख 99 हजार 500 रुपये का जुर्माना हो चुका है। वहीं अगर इस महीने की बात करें तो टीम द्वारा अब तक 64 नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जा चुका है। बुधवार को भी टीम की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान टीम ने मेंहनगर में दो, अतरौलिया में दो, फूलपुर दो और सगड़ी तहसील की विभिन्न बाजारों से तीन सहित कुल नौ नमूने जुटाए। सभी नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिया।
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जिले में नमूनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। नमूने लेने के बाद इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। वैसे तो हमारी टीम पूरे वर्ष नमूना लेती है लेकिन त्योहारों में मिलावट जोरों पर होती है इसलिए इस दौरान विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सैंपुलिंग की जाती है।
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डीके राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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अक्सर त्योहारों के सीजन में ही खाद्य विभाग की टीम जागती है। इसके बाद टीम कार्रवाई करने मैदान में उतरती है। टीम द्वारा नमूने लेकर फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद उस पर कार्रवाई की जाती है। खाद्य विभाग की टीम द्वारा लिए गए नमूनों की जांच की व्यवस्था नहीं है इसे जांच के लिए लखनऊ स्थित फोरेंसिक लैब में भेजा जाता है। इस वर्ष विभाग द्वारा जनवरी से लेकर अब तक की कार्रवाई पर नजर डालें तो इस दौरान विभाग की टीम ने कुल 198 नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया। जांच में 97 नमूने फेल हुए। सभी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया। उनके खिलाफ 42 लाख 99 हजार 500 रुपये का जुर्माना हो चुका है। वहीं अगर इस महीने की बात करें तो टीम द्वारा अब तक 64 नमूने लेकर जांच के लिए भेजा जा चुका है। बुधवार को भी टीम की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान टीम ने मेंहनगर में दो, अतरौलिया में दो, फूलपुर दो और सगड़ी तहसील की विभिन्न बाजारों से तीन सहित कुल नौ नमूने जुटाए। सभी नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिया।
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जिले में नमूनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। नमूने लेने के बाद इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। वैसे तो हमारी टीम पूरे वर्ष नमूना लेती है लेकिन त्योहारों में मिलावट जोरों पर होती है इसलिए इस दौरान विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सैंपुलिंग की जाती है।
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डीके राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।