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कक्ष निरीक्षक न उपलब्ध कराने वाले स्कूलो पर गिरेगी गाज
Updated Wed, 21 Feb 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। यूपी बोर्ड की परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की कमी से माध्यमिक शिक्षा विभाग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों ने इस बाबत शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर दर्ज कराई है। इसे देखते हुए कक्ष निरीक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित न करने वाले विद्यालयों पर गाज गिरनी तय है।
बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी देखने को मिली जिससे नकल रोको अभियान भी कई दिनों तक प्रभावित रहा। वर्तमान में भी माध्यमिक शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी पर लगा कर किसी तरह परीक्षा संपन्न करा रहा है। कक्ष निरीक्षक के रूप में विभिन्न वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती की गई थी। लेकिन वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षक दो-चार परीक्षा केंद्रों पर ही पहुंचे। कई केंद्र प्रभारियों ने इसकी लिखित शिकायत की। जहानागंज क्षेत्र के गंभीरवन शुम्भी स्थित नेशनल हॉयर सेकेंडरी स्कूल के डॉ. मंसूर अहमद ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनके परीक्षा केंद्र पर स्व. जीऊतबंधन इंटर कालेज कुसरना, दीनदयाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलसीपुर, महर्षि पं. राहुल सांकृत्यायन इंटर कालेज कनैला और नेता जी सुभाष चंद्र बोस जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन इन विद्यालयों के शिक्षक ड्यूटी पर नहीं आए।
वित्त विहीन विद्यालयों के चलते बोर्ड परीक्षा के सफल संचालन में पूरे जिले में परेशानी हुई। विभाग की तरफ से भी वित्त विहीन विद्यालयों को शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण के लिए भेजने का निर्देश दिया गया, इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। आज भी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के भरोसे परीक्षा संपन्न करानी पड़ रही है। ऐसे में वित्त विहीन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई तय है। मैं स्वयं इन विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण के लिए पत्र शासन और सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को लिखूंगा।
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डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।
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बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी देखने को मिली जिससे नकल रोको अभियान भी कई दिनों तक प्रभावित रहा। वर्तमान में भी माध्यमिक शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी पर लगा कर किसी तरह परीक्षा संपन्न करा रहा है। कक्ष निरीक्षक के रूप में विभिन्न वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती की गई थी। लेकिन वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षक दो-चार परीक्षा केंद्रों पर ही पहुंचे। कई केंद्र प्रभारियों ने इसकी लिखित शिकायत की। जहानागंज क्षेत्र के गंभीरवन शुम्भी स्थित नेशनल हॉयर सेकेंडरी स्कूल के डॉ. मंसूर अहमद ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनके परीक्षा केंद्र पर स्व. जीऊतबंधन इंटर कालेज कुसरना, दीनदयाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलसीपुर, महर्षि पं. राहुल सांकृत्यायन इंटर कालेज कनैला और नेता जी सुभाष चंद्र बोस जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन इन विद्यालयों के शिक्षक ड्यूटी पर नहीं आए।
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वित्त विहीन विद्यालयों के चलते बोर्ड परीक्षा के सफल संचालन में पूरे जिले में परेशानी हुई। विभाग की तरफ से भी वित्त विहीन विद्यालयों को शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण के लिए भेजने का निर्देश दिया गया, इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी। आज भी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के भरोसे परीक्षा संपन्न करानी पड़ रही है। ऐसे में वित्त विहीन विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई तय है। मैं स्वयं इन विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण के लिए पत्र शासन और सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को लिखूंगा।
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डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।