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15 लाख की लागत से बनेगा विवेकानंद पार्क
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:57 PM IST
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आजमगढ़। पार्कविहीन आजमगढ़ जिले में नया पार्क बनवाने को लेकर प्रशासन आगे आया है। 15 लाख की लागत से प्रस्तावित विवेकानंद पार्क के लिए जिलाधिकारी ने मातहतों को जमीन की खोज का निर्देश दिया है। ठंडी सड़क स्थित विवेकानंद कालोनी में पार्क के लिए छूटी पड़ी जमीन को फिलहाल तहसील प्रशासन ने चिन्हित भी कर लिया है और अन्य स्थानों पर जमीन देखी जा रही है।
जिला मुख्यालय पर बच्चों के खेलने-कूदने के लिए अब तक कोई ऐसा पार्क नहीं है, जहां वे पहुंच कर खेलकूद का आनंद उठा सके। चौराहो-तिराहों के सुंदरीकरण व शहर की सड़कों के चौड़ीकरण के बाद अब भी शहर के लोगों को एक बेहतर पार्क की कमी खल रही है। जेल की खाली हुइ जमीन पर पार्क की मांग को लेकर आंदोलन भी हुए लेकिन अब तक जेल की जमीन जेल विभाग से नगर पालिका को हैंडओवर न हो पाने के चलते उस पर पार्क का निर्माण नहीं हो सका। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने शहर में विवेकानंद पार्क के नाम पार्क स्थापना का निर्देश मातहतों को दिया। डीएम के इस फरमान के बाद तहसील प्रशासन जमीन की खोज में जुट गई है। जिलाधिकारी ने 15 लाख की लागत से पार्क निर्माण का प्रस्ताव किया है। डीएम के निर्देश के बाद जमीन की खोज में जुटे तहसील प्रशासन ने ठंडी सड़क स्थित बांध के किनाने पहले से बने पार्क के साथ ही विवेकानंद कालोनी में खाली पड़ी जमीन के लिए योजना बनानी शुरू कर दी है। पार्क निर्माण के लिए ऐसी जमीन ऐसी जमीन होनी चाहिए जो मुख्य मार्ग पर हो और जगह इतनी हो कि उसमें बच्चों के लिए आकर्षक झूले आदि के साथ ही आम जनता के टहलने आदि के लिए पर्याप्त जगह हो। लेखपाल राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि ठंडी सड़क पर बांध के किनारे बना पार्क वन विभाग का है और वह जमीन लंबाई में है। शहर क्षेत्र में फिलहाल एक मात्र जमीन विवेकानंद कालोनी में है। जिसका रकबा लगभग 527.8 वर्ग मीटर है। जिलाधिकारी ने 15 लाख की लागत से पार्क निर्माण की बात कही है। उसके अनुरूप यह जमीन प्रस्तावित विवेकानंद पार्क के लिए उपयूक्त होगी। उन्होंने बताया कि और भी स्थानों पर खाली पड़ी जमीन खोजी जा रही है। फिलहाल विवेकानंद कालोनी की जमीन की मापी आदि करा कर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
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जिला मुख्यालय पर बच्चों के खेलने-कूदने के लिए अब तक कोई ऐसा पार्क नहीं है, जहां वे पहुंच कर खेलकूद का आनंद उठा सके। चौराहो-तिराहों के सुंदरीकरण व शहर की सड़कों के चौड़ीकरण के बाद अब भी शहर के लोगों को एक बेहतर पार्क की कमी खल रही है। जेल की खाली हुइ जमीन पर पार्क की मांग को लेकर आंदोलन भी हुए लेकिन अब तक जेल की जमीन जेल विभाग से नगर पालिका को हैंडओवर न हो पाने के चलते उस पर पार्क का निर्माण नहीं हो सका। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने शहर में विवेकानंद पार्क के नाम पार्क स्थापना का निर्देश मातहतों को दिया। डीएम के इस फरमान के बाद तहसील प्रशासन जमीन की खोज में जुट गई है। जिलाधिकारी ने 15 लाख की लागत से पार्क निर्माण का प्रस्ताव किया है। डीएम के निर्देश के बाद जमीन की खोज में जुटे तहसील प्रशासन ने ठंडी सड़क स्थित बांध के किनाने पहले से बने पार्क के साथ ही विवेकानंद कालोनी में खाली पड़ी जमीन के लिए योजना बनानी शुरू कर दी है। पार्क निर्माण के लिए ऐसी जमीन ऐसी जमीन होनी चाहिए जो मुख्य मार्ग पर हो और जगह इतनी हो कि उसमें बच्चों के लिए आकर्षक झूले आदि के साथ ही आम जनता के टहलने आदि के लिए पर्याप्त जगह हो। लेखपाल राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि ठंडी सड़क पर बांध के किनारे बना पार्क वन विभाग का है और वह जमीन लंबाई में है। शहर क्षेत्र में फिलहाल एक मात्र जमीन विवेकानंद कालोनी में है। जिसका रकबा लगभग 527.8 वर्ग मीटर है। जिलाधिकारी ने 15 लाख की लागत से पार्क निर्माण की बात कही है। उसके अनुरूप यह जमीन प्रस्तावित विवेकानंद पार्क के लिए उपयूक्त होगी। उन्होंने बताया कि और भी स्थानों पर खाली पड़ी जमीन खोजी जा रही है। फिलहाल विवेकानंद कालोनी की जमीन की मापी आदि करा कर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
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