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उल्टी-दस्त के रोगियों की भरमार, सभी बेड फुल
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:23 AM IST
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आजमगढ़। अगस्त के अंतिम हफ्ते से ही बारिश ने मुंह मोड़ दिया है। ऐसे में एकाएक गर्मी बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। अस्पताल के सभी 300 बेड भरे हुए हैं। रोजाना 30 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
सितंबर माह में बारिश न होने और उमस लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। मंडलीय जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. जीएल केशरवानी की माने तो मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना 1500 के आसपास ओपीडी हो रही है। इसमें 200 के आसपास मरीज डायरिया, उल्टी-दस्त, बुखार, सर्दी-खांसी के पहुंच रहे हैं। ब्लडप्रेशर के मरीज भी बढ़े हैं। जिला अस्पताल में 300 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता है। इस समय सभी बेड भरे हैं। भर्ती होने वालों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। डॉ. जीएल केशरवानी ने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने की वजह से विषाक्त तत्व बाहर नहीं निकल पाते। पाचन-तंत्र कमजोर होने के साथ-साथ आंत में संक्रमण, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ता है। भरपूर मात्रा में पानी न पिएं तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो डिहाइड्रेशन का कारण बनती है।
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सितंबर माह में बारिश न होने और उमस लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। मंडलीय जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. जीएल केशरवानी की माने तो मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना 1500 के आसपास ओपीडी हो रही है। इसमें 200 के आसपास मरीज डायरिया, उल्टी-दस्त, बुखार, सर्दी-खांसी के पहुंच रहे हैं। ब्लडप्रेशर के मरीज भी बढ़े हैं। जिला अस्पताल में 300 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता है। इस समय सभी बेड भरे हैं। भर्ती होने वालों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। डॉ. जीएल केशरवानी ने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने की वजह से विषाक्त तत्व बाहर नहीं निकल पाते। पाचन-तंत्र कमजोर होने के साथ-साथ आंत में संक्रमण, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ता है। भरपूर मात्रा में पानी न पिएं तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जो डिहाइड्रेशन का कारण बनती है।
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