{"_id":"598217014f1c1b8f1a8b46d2","slug":"61501697793-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो लाख अंशकालिक शिक्षक शोषण के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो लाख अंशकालिक शिक्षक शोषण के शिकार
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में वर्ष 1986 के उपरांत मात्र वित्तविहीन मान्यताए विद्यालयों को प्रदान की जा रही है। विद्यालयोंकी यह संस्था लगभग 18 हजार तक पहुंच गई है। इन विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक कहे जाने वाले, किंतु पूर्ण कालिक कहे जाने वाले लगभग दो लाख शिक्षक गंभीर शोषण के शिकार है। यह बातें बुधवार को शिब्ली नेशनल इंटर कालेज में आयोजि प्रेसवर्ता को संबोधित करते हुए शिक्षक विधायक धु्रव कुमार त्रिपाठी ने कही।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय भी समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने के सिद्धांत की पुष्टी करते हुए हर स्तर पर लागू करने का स्पष्ट निर्देश निर्गत कर चुका है। लाखों शिक्षित, प्रशिक्षित अंशकालिक कहे जाने वाले शिक्षकों के शोषण की यह व्यवस्था संगठन के लिए सर्वथा असहनीय है। उन्होंने नवीन पेंशन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि कि यह योजना शिक्षकों, कर्मचारियों के भविष्य के साथ धोखा है और यह अनिश्चितताओं एवं असुरक्षा के वातावरण से घिरी हुई है। उन्होंने राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों के परिवार को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दिए जाने, शिक्षकों को विनियमित कराने, प्रत्येक विद्यालयों में लड़के और लड़कियों के अलग शौचालय बनवाए जाने, चतुर्थ कर्मचारियों की नियुक्ति आउट सोर्सिंग से किए जाने की मांग सरकार से की। इस मौके पर इंद्रासन सिंह, कमलेश राय, विजय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय भी समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने के सिद्धांत की पुष्टी करते हुए हर स्तर पर लागू करने का स्पष्ट निर्देश निर्गत कर चुका है। लाखों शिक्षित, प्रशिक्षित अंशकालिक कहे जाने वाले शिक्षकों के शोषण की यह व्यवस्था संगठन के लिए सर्वथा असहनीय है। उन्होंने नवीन पेंशन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि कि यह योजना शिक्षकों, कर्मचारियों के भविष्य के साथ धोखा है और यह अनिश्चितताओं एवं असुरक्षा के वातावरण से घिरी हुई है। उन्होंने राज्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों के परिवार को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दिए जाने, शिक्षकों को विनियमित कराने, प्रत्येक विद्यालयों में लड़के और लड़कियों के अलग शौचालय बनवाए जाने, चतुर्थ कर्मचारियों की नियुक्ति आउट सोर्सिंग से किए जाने की मांग सरकार से की। इस मौके पर इंद्रासन सिंह, कमलेश राय, विजय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन