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परीक्षा से नहीं प्रतिक्षा से मिलते हैं प्रभु
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:03 PM IST
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आजमगढ़। गहजी स्थित मां शारदा पीजी कालेज परिसर में चल रहे हरिहरात्मक यज्ञ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। प्रात: से ही सिद्धसंत मौनी बाबा के नवनिर्मित मंदिर में राम दरबार और राधाकृष्ण की प्रतिमाओं के दर्शन-पूजन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गुरुवार देरशाम तक चले श्रीराम कथा में अयोध्या की कथावाचिका चंद्रकला शास्त्री ने सती प्रसंग की चर्चा की। कहा कि प्रभु परीक्षा से नहीं प्रतिक्षा से मिलते हैं। आदि शक्ति होते हुए भी प्रभु श्रीराम की परीक्षा ली तो भस्म होना पड़ा, जबकि शबरी ने प्रतिक्षा की तो प्रभु उससे मिलकर उसके जूठे बेर का भी स्वाद लिया। शिव विवाह पर अपने संगीतमयी प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चंद्रेश उपाध्याय, आरपीएन यादव, प्रभु नरायण पांडेय प्रेमी, सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन, संजय त्रिपाठी, आयोजक फौजदार सिंह, हवलदार सिंह, लालसा राय, राना खातून, दिवाकर सिंह, राममिल सिंह, अनिरूद्ध सिंह, हरिद्वार सिंह, हरिप्रसाद पांडे, पवन रिंकू, मुन्नू यादव, राधेराम, दूधनाथ यादव, ओमप्रकाश पांडे, वेद प्रकाश, सूरज यादव आदि प्रमुख थे।
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