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पैसा खत्म, शौचालय कागज में, गांव ओडीएफ

Sat, 22 Sep 2018 12:16 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:16 AM IST
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पैसा खत्म, शौचालय कागज में, गांव ओडीएफ
अतरौलिया। दो अक्टूबर को पूरे देश सहित जनपद को भी ओडीएफ घोषित होना है। लेकिन जनपद में जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि गांव सिर्फ कागजों में ओडीएफ हो रहे हैं। पूर्व में जिन लोगों को शौचालय आवंटित थे इनमें से ज्यादातर शौचालय बने ही नहीं प्रधान और सचिव मिलकर शौचालय के पैसे को गड़प कर चुके हैं। गांव के लोग खुले में शौच जा रहे हैं इसके बाद भी गांव को ओडीएफ कर दिया गया है। गुरुवार को अमर उजाला की टीम ने अतरौलिया विकास खंड में ओडीएफ हो चुके गांवों में ओडीएफ की स्थिति का जायजा लिया। जांच में जो तथ्य सामने आए वह चौकाने वाले थे। अतरौलिया विकास खंड में कुल 163 राजस्व गांव हैं। इनमें से लगभग 100 गांवों को प्रशासन द्वारा ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। ओडीएफ हो चुके गांवों में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास आज भी शौचालय नहीं हैं। बहुुत से लोग ऐसे भी मिले जिनके नाम पर पूर्व में शौचालय आवंटित हुआ था, लेकिन प्रधान और सचिव मिलकर शौचालय की धनराशि को डकार गए। इसके कारण यह लोग आज भी शौचालय से वंचित हैं। जनपद को ओडीएफ घोषित होने में 12 दिन का समय शेष है। इसके बाद भी अभी तक अतरौलिया विकास खंड की दर्जनों ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें शौचालय निर्माण के लिए अभी तक पूरे शौचालय की धनराशि नहीं भेजी गई हैं। बहुत से गांव जो ओडीएफ हो चुके हैं उनमें अभी शौचालयों का निर्माण चल रहा है और गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है।
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62 शौचालयों की धनराशि खा गए प्रधान और सचिव
अतरौलिया विकास खंड की ग्राम पंचायत चिश्तीपुर के दो राजस्व ग्राम चिश्तीपुर और देहुला गोसाई हैं। इसमें बेस लाइन सर्वे में चिश्तीपुर में 182 और देहुला गोसाई में 44 परिवार शामिल थे। दोनों राजस्व ग्रामों को मिलाकर कुल 226 शौचालय बनने थे। इसमें 52 शौचालय पूर्व प्रधान की ओर से ठेकेदार से बनवाए गए थे। ये लगभग सभी निष्क्रिय पड़े हैं। किसी में भूसा भरा है तो किसी में उपले रखे हैं। वहीं, 62 का पैसा पूर्व प्रधान और सचिव ने गबन कर लिया था। इसमें एफआईआर भी कराई गई है। मामला कोर्ट में होने से ये शौचालय बन ही नहीं पाए। अभी तक गांव में कई शौचालयों का निर्माण चल रहा है। गांव के सती निषाद जो अपने पूरे परिवार के साथ झोपड़ी में रहने को मजबूर है उनका शौचालय नहीं बना है। इनको शौचालय का आवंटन हुआ था, लेकिन पैसा प्रधान और सचिव खा गए। इसके बाद भी दोनों गांवों को 26 जून को ओडीएफ कर दिया गया है।
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गांव ओडीएफ फिर भी खुले में शौच जाते हैं लोग
अतरौलिया ब्लाक की ग्राम पंचायत छितौनी खास में कुल चार राजस्व ग्राम छितौनी खास, मनोहरपुर, मोहम्मदपुर और परमेश्वरपुर आते हैं। राजस्व गांव मनोवरपुर में बेसलाइन सर्वे में कुल 30 परिवार हैं, सभी के शौचालय बने हैं। मोहम्मदपुर में बेस लाइन में 73 परिवार हैं। इसके सापेक्ष 52 शौचालय बनवाए हैं। गांव पांच अगस्त को ओडीएफ है। छितौनी खास में 200, परमेश्वरपुर में 89 परिवार हैं। दोनों गांव में अभी तक 105 शौचालय ही बने हैं। गांव को ओडीएफ कर दिया गया है।
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गांव ओडीएफ लेकिन निर्माण जारी
अतरौलिया विकास खंड की ग्राम पंचायत गोविंदपुर में तीन राजस्व गांव गोविंदपुर, भवानीपुर और इटायल हैं। सभी को भी ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। गोविंदपुर ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम गोविंदपुर में 168, भवानीपुर में 148 और इटायल में 121 परिवार बेस लाइन में हैं। तीनों गांवों में 437 शौचालय बनने थे। 304 शौचालय बना कर ही ओडीएफ कर दिया गया है।


अतरौलिया विकास खंड में कुल 163 राजस्व ग्राम हैं जिसमें लगभग 100 राजस्व गांव ओडीएफ हो चुके हैं। शेष 63 राजस्व गांवों के लिए धनराशि कम मिली है, जिसकी डिमांड भेजी गई है। पैसा मिलते ही 25 सितंबर के अंदर ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।
पारसनाथ यादव, एडीओ पंचायत अतरौलिया।
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