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चरखा चलाकर हर कोई गांधी नहीं बन सकता...
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:48 PM IST
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मार्टीनगंज। तहसील के कौरा गहनी गांव में शनिवार रात स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति संस्थान की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री की याद में मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से आए शायरों और कवियों ने अपने कलामों से उन्हें याद किया। देर रात तक कलामों का आनंद उठाया। तालियों से पंडाल गूंजता रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिल्म डायरेक्टर मुजफ्फर अली, विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री कृपाशंकर सिंह और सूबे की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी रहीं। संस्थान के जिलाध्यक्ष साजिद खान आजमी की ओर से कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन लगातार 12वें वर्ष किया गया था। शुरुआत शायर खुर्शीद हैदर के नातिया कलाम से हुआ। खुर्शीद हैदर ने सुनाया ‘उनका जिस जगह मकान है वह जमीन आसमान है। चौदहवीं सदी गुजर गई जीकर मुस्तफा जवान है। आरजू है सबको ही मदीने की, अरजियां रसूल से किसी ने न की। ’ कुंवर जावेद ने सुनाया ‘ चरखा चलाकर हर कोई गांधी नहीं बन सकता है। मैं अपनी मिट्टी से प्यार करता हूं, मेरी जुबान से हिंदुस्तान ही निकलता है। ’ मुख्य अतिथि मुजफ्फर अली ने कहा कि मैं उर्दू का छोटा सा खादिम हूं और जीवनपर्यंत इस की सेवा करता रहूंगा। विशिष्ट अतिथि रीता बहुगुणा जोशी ने हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा समाज की सेवा में लगे रहे। हर वर्ग को साथ लेकर चलने का उन्होंने प्रयास किया। उनके ही मुख्यमंत्रित्व काल में उत्तर प्रदेश में उर्दू को दूसरी भाषा का दर्जा मिला। पूर्व गृहमंत्री महाराष्ट्र सरकार कृपाशंकर सिंह ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया। शायरों ने अपनी शायरी से पूरी रात श्रोताओं को रात भर बांधकर रखा। मुजफ्फर अली, जेड के फैजान, कुंवर जावेद और शायर जौहर कानपुरी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। परवेज आलम, अरविंद जायसवाल आदि थे।
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