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डीएम ने मांगी जनपद के ईंट भट्ठों की सत्यापन रिपोर्ट
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। शासन की ओर से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र और रॉयल्टी जमा किए ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाई गई है। जिले में इस रोक का कड़ाई से पालन करने के लिए जिलाधिकारी ने समस्त एसडीएम और तहसीलदार को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र के ईंट भठ्ठों का सत्यापन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। शासन द्वारा ईंट भट्ठा संचालकों को पायावार निर्धारित रायल्टी और देय रायल्टी का 10 प्रतिशत जिला खनिज फाउंडेशन न्यास और रायल्टी का 10 प्रतिशत पलोथन मिट्टी का चार्ज जमा करना होगा। बिना अग्रिम रायल्टी जमा किए ईट बनाने की मिट्टी का खनन और निर्माण नहीं करेगा। ईट मिट्टी का खनन सक्षम प्राधिकरण से पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र कर ही किया जाएगा। ईट मिट्टी की निकासी के लिए समाधान योजना के इच्छुक भट्ठा मालिक को अपने भट्ठों में पायों की संख्या का उल्लेख करते हुए इस आशय का शपथ पत्र संलग्न प्रारूप पर डीएम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। लेकिन यदि कोई ईट भट्ठा स्वामी समाधान योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहता है तो उप्र उपखनिज नियमावली 1963 के तहत खनन अनुज्ञा पत्र प्राप्त कर और पर्यावरण के सुसंगत नियमों के तहत पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र प्राप्त कर ही ईट मिट्टी का खनन करेगा। जिलाधिकारी ने कहा है कि सभी एसडीएम और तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठों का सत्यापन पर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट दें। अगर इसके बाद भी कहीं बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना ईंट भट्ठे का संचालन हो रहा है तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
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