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कर्म के बल पर मनुष्य बनता है महान
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:20 AM IST
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सगड़ी। तहसील के शिव मंदिर नत्थूपुर छतरपुर खुशहाल में चल रहे 11 दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ में शुक्रवार को अशोकानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा उसको फल मिलता है। इसलिए कहा जाता है कि अच्छा से अच्छा कर्म करो कर्म के बल पर ही मनुष्य महान बनता है और उस की चर्चाएं होती हैं। बुरा कर्म का बुरा फल होता है अच्छे कर्म का अच्छा फल होता है। असहाय एवं दुखियों की सेवा हमेशा करते रहना चाहिए इससे बड़ा कोई पुण्य काम हो ही नहीं सकता। वहीं, यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। परिक्रमा के दौरान देवी देवताओं के लग रहे जय जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी बाबा रामकरन दास, उमेश, निरंजन, जगदीश, विशाल, प्रमोद यादव सहित कई गावों के भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौजूद थे।
छह माह बाद भी भुगतान नहीं की गई तय धनराशि
अतरौलिया। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री वाई फाई चौपाल योजना को कागजों पर बहुत वाहवाही मिल रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। योजना के तहत कार्य आजमगढ़ के सात ब्लाकों मे चल रहा है। इसमें अतरौलिया भी है। इसका टेंडर सीएससी कंपनी ने लिया है। हर ग्राम पंचायत में एक आदमी रखा जा रहा है, सीएससी ने उन लोगों को 1500 रुपये मासिक देने की बात कही थी। छह माह हो गए वाई फाई लगे, लेकिन एक पैसा भी उन लोगों को नहीं मिला और न ही कभी इंटरनेट ही चला। सीएससी के कर्मचारियों की एक मीटिंग अतरौलिया ब्लाक के एक निजी स्कूल में रखी गई। सीएससी के अधिकारियों ने बताया कि 11800 रुपये आप लोगों को कंपनी को रजिस्ट्रेशन के लिए देना होगा। ये बात 59 ग्राम पंचायतों के वीएलई ने सुनी तो मीटिंग मे हंगामा करने लगे। उन्होने बताया कि कंपनी हमसे छह माह से रखवाली का काम करा रही है। आज तक एक पैसा नहीं दिया ऊपर से 11800 रुपये और मांगे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने अतिरिक्त पैसा देने से इंकार करते हुए छह माह किए गए काम के पैसे की मांग की। सीएससी के स्टेट हेड अजय कुमार चौबे ने कहा कि इसके संबंध में हम उच्च अधिकारियों से बात करेंगे
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छह माह बाद भी भुगतान नहीं की गई तय धनराशि
अतरौलिया। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री वाई फाई चौपाल योजना को कागजों पर बहुत वाहवाही मिल रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। योजना के तहत कार्य आजमगढ़ के सात ब्लाकों मे चल रहा है। इसमें अतरौलिया भी है। इसका टेंडर सीएससी कंपनी ने लिया है। हर ग्राम पंचायत में एक आदमी रखा जा रहा है, सीएससी ने उन लोगों को 1500 रुपये मासिक देने की बात कही थी। छह माह हो गए वाई फाई लगे, लेकिन एक पैसा भी उन लोगों को नहीं मिला और न ही कभी इंटरनेट ही चला। सीएससी के कर्मचारियों की एक मीटिंग अतरौलिया ब्लाक के एक निजी स्कूल में रखी गई। सीएससी के अधिकारियों ने बताया कि 11800 रुपये आप लोगों को कंपनी को रजिस्ट्रेशन के लिए देना होगा। ये बात 59 ग्राम पंचायतों के वीएलई ने सुनी तो मीटिंग मे हंगामा करने लगे। उन्होने बताया कि कंपनी हमसे छह माह से रखवाली का काम करा रही है। आज तक एक पैसा नहीं दिया ऊपर से 11800 रुपये और मांगे जा रहे हैं। कर्मचारियों ने अतिरिक्त पैसा देने से इंकार करते हुए छह माह किए गए काम के पैसे की मांग की। सीएससी के स्टेट हेड अजय कुमार चौबे ने कहा कि इसके संबंध में हम उच्च अधिकारियों से बात करेंगे
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