आजमगढ़। तहसील सगड़ी के गड़ेरुआ ग्राम सभा के राजस्व गांव हांसपुर बाढ़ की विभीषिका से त्रस्त है। 42 हेक्टेयर रकबे के इस गांव में लगभग 40 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। इसमें 90 फ़ीसदी भूमि पर धान और शेष भूमि पर गन्ने के साथ ही अन्य फसलों की खेती किसानों ने की थी। खेतों में 4 से 5 फीट पानी जमा होने से फसल तबाह हो गई है।
गांव के किसानों को आशा थी कि बाढ़ का पानी हटने के बाद संभवत खाने भर के लिए धान की उपज हो जाएगी। घाघरा नदी के उफान, शारदा नहर के गड़ेरुआ स्केप का पानी बढ़ने और लगातार बारिश से छोटी सरयू नदी के भी उफान पर आने के कारण किसानों के हाथ अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। अब किसानों को अपने परिवार का पेट पालने की भी चिंता सताने लगी है। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में बाहरी प्रदेशों से घर आए मजदूरों को विश्वास था कि खेती और गांव में मनरेगा से कुछ काम मिलने से जीवन का निर्वहन हो जाएगा। लेकिन गांव में खेती योग्य भूमि के पानी में समाने के कारण उनकी भी उम्मीद टूट गई है। गांव की आबादी लगभग 1000 है। इसमें लगभग 125 के आसपास परिवार रहते है। ग्राम प्रधान कालिंदी मिश्रा ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण गरीब मजदूर और खेतिहर किसानों की स्थिति दयनीय हो गई है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने भी तहसील के आला अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया है। साथ ही अनुमन्य सहाय शासकीय सहायता बाढ़ पीड़ितों को प्रदान करने की का अनुरोध किया है। गांव के श्रीकांत दुबे, बृजेश दुबे, गुलाब दुबे, अमरनाथ दुबे, कपिल देव दुबे, राम नयन दुबे, संजय, सुधाकर, कमला, जय नारायण, प्रदीप, राधेश्याम आदि ने सरकार से सहायता प्रदान करने की मांग की है।

सगड़ी तहसील के हांसेपुर के ग्रामीण बाढ़ की परेशानी बताते हुए।- फोटो : AZAMGARH