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Azamgarh News: ओवरलोड से 22 दिन में जल गए 325 ट्रांसफॉर्मर
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आजमगढ़। अधिकतम तापमान में भले ही गिरावट आई है, लेकिन गर्मी और उमस का प्रकोप कम नहीं हुआ है। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है, क्योंकि बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। 22 दिनों में 325 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं।
वर्तमान में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, लेकिन उमस के कारण बिजली की मांग में वृद्धि हुई है। पिछले माह की तुलना में इस समय 20 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग बढ़ी है। यानी जिले में इस 460 मेगावाट बिजली प्रतिदिन खर्च हो रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के अत्यधिक उपयोग से ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ गया है, जिसके यह जल जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इधर तापमान नीचे आने से ट्रांसफॉर्मरों के खराब होेने की शिकायत कम आ रही है। इस माह 22 मई तक देखा जाए तो 325 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। इसमें अधिकांश 25 केवीए और 63 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर हैं। तीन- चार दिन पूर्व विभाग के वर्कशॉप में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 ट्रांसफॉर्मरों के जलने की शिकायतें दर्ज हो रही हैं। हालांकि इधर अधिकतम तापमान नीचे आने से 10 से 12 शिकायतें ही आ रहीं हैं।
विभागीय अधिकारियों की माने तो अधिकांश ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड से ही जल रहे हैं। इस समय वर्कशॉप में विभिन्न क्षमता के 600 के आसपास ट्रांसफॉर्मर रिपेयर करके रखे हुए हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 32 से 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार भी किए जा रहे हैं। ऐसे में जले ट्रांसफॉर्मरों को बदलने में अभी कोई समस्या नहीं हो रही है। लकिन आगे जैसे-जैसे गर्मी का बढ़ेगी, ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।
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बीच में तीन-चार दिन तक तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, तो प्रतिदिन 30 शिकायतें आने लगी थी। अब तापमान काफी नीचे आ गया है। बुधवार को 15 ट्रांसफॉर्मरों के जलने की शिकायत आई थी जबकि बृहस्पतिवार को 10 थी। जितने ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे उससे ज्यादा वर्कशॉप में तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए ट्रांसफॉर्मरों के बदलने में कोई समस्या नहीं हैं। लगभग 600 ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रिजर्व में रखे गए हैं।- चंद्रशेखर कुमार, एक्सईएन वर्कशॉप
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आराजीबाग सहित कई मोहल्लों में 12 घंटा आपूर्ति रही ठप
आजमगढ़। मातनपुर उपकेंद्र से अतलस टैंक, आराजीबाग, करतालपुर सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बृहस्पतिवार सुबह 4 बजे से बाधित रही। कटौती से भीषण गर्मी और उमस विभिन्न मोहल्लों की 25 हजार की आबादी बेहाल रही। बिजली न होने से सबमर्सिबल पंप नहीं चल सके, जिसके चलते पानी की किल्लत ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह ऑफिस जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। शाम तीन बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। गर्मी और उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। मातनपुर फीडर की यह समस्या नई नहीं है। स्थानीय लोग पहले भी कई बार बिजली कटौती की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग इस दिशा में तत्काल कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
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वर्तमान में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, लेकिन उमस के कारण बिजली की मांग में वृद्धि हुई है। पिछले माह की तुलना में इस समय 20 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग बढ़ी है। यानी जिले में इस 460 मेगावाट बिजली प्रतिदिन खर्च हो रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के अत्यधिक उपयोग से ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ गया है, जिसके यह जल जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इधर तापमान नीचे आने से ट्रांसफॉर्मरों के खराब होेने की शिकायत कम आ रही है। इस माह 22 मई तक देखा जाए तो 325 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। इसमें अधिकांश 25 केवीए और 63 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर हैं। तीन- चार दिन पूर्व विभाग के वर्कशॉप में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 ट्रांसफॉर्मरों के जलने की शिकायतें दर्ज हो रही हैं। हालांकि इधर अधिकतम तापमान नीचे आने से 10 से 12 शिकायतें ही आ रहीं हैं।
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विभागीय अधिकारियों की माने तो अधिकांश ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड से ही जल रहे हैं। इस समय वर्कशॉप में विभिन्न क्षमता के 600 के आसपास ट्रांसफॉर्मर रिपेयर करके रखे हुए हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 32 से 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार भी किए जा रहे हैं। ऐसे में जले ट्रांसफॉर्मरों को बदलने में अभी कोई समस्या नहीं हो रही है। लकिन आगे जैसे-जैसे गर्मी का बढ़ेगी, ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।
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बीच में तीन-चार दिन तक तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, तो प्रतिदिन 30 शिकायतें आने लगी थी। अब तापमान काफी नीचे आ गया है। बुधवार को 15 ट्रांसफॉर्मरों के जलने की शिकायत आई थी जबकि बृहस्पतिवार को 10 थी। जितने ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे उससे ज्यादा वर्कशॉप में तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए ट्रांसफॉर्मरों के बदलने में कोई समस्या नहीं हैं। लगभग 600 ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रिजर्व में रखे गए हैं।- चंद्रशेखर कुमार, एक्सईएन वर्कशॉप
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आराजीबाग सहित कई मोहल्लों में 12 घंटा आपूर्ति रही ठप
आजमगढ़। मातनपुर उपकेंद्र से अतलस टैंक, आराजीबाग, करतालपुर सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बृहस्पतिवार सुबह 4 बजे से बाधित रही। कटौती से भीषण गर्मी और उमस विभिन्न मोहल्लों की 25 हजार की आबादी बेहाल रही। बिजली न होने से सबमर्सिबल पंप नहीं चल सके, जिसके चलते पानी की किल्लत ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह ऑफिस जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। शाम तीन बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। गर्मी और उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। मातनपुर फीडर की यह समस्या नई नहीं है। स्थानीय लोग पहले भी कई बार बिजली कटौती की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग इस दिशा में तत्काल कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।