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जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर निलंबित
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जेल अआजमगढ़। जेल में बंदियों को मोबाइल उपलब्ध कराने के आरोप में तीन बंदीरक्षकों पर गाज गिरने के छह दिन बाद रविवार को जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम, जेलर हरीश कुमार और डिप्टी जेलर भोलानाथ अंबेडकर को भी निलंबित कर दिया गया है। जेल का नया प्रभारी बिजनौर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्र को बनाया गया है। अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब चिह्नित बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। जेल के ‘खलनायकों’ पर जल्द कार्रवाई होने का खुलासा अमर उजाला ने 19 मार्च के अंक में किया था।
लापरवाही और मिलीभगत के चलते जेल में धड़ल्ले से मोबाइल चल रहे थे। जेल में बंद अपराधी लोगों को फोन कर रंगदारी मांग रहे थे। शूटरों को सुपारी देकर अपने विपक्षियों को रास्ते से हटवा रहे थे। अमर उजाला ने 11 नवंबर और 11 मार्च के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरों को संज्ञान में लेकर 15 मार्च को एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसपीसिटी कमलेश बहादुर ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाकर 35 मोबाइल, 13 चार्जर और सात ईयर फोन बरामद किया था। जेल में बंद पूर्व मंत्री अंगद यादव, पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा, कलीम जामई, विक्रम सिंह सहित अन्य बंदियों से मोबाइल मिलने के बाद कई बंदियों को थर्ड डिग्री दी गई थी। इससे नाराज बंदियों ने हंगामा कर दिया था। जेल के भीतर हुए बवाल को शांत कराने में पुलिस-प्रशासन को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ गया। आईजी जेल प्रकाश चंद्र ने डीआईजी जेल फैजाबाद रेंज अपर्णा गांगुली को मामले की जांच सौंपी थी। 16 मार्च से दो दिनों तक अपनी जांच पूरी कर डीआईजी जेल ने रिपोर्ट आईजी जेल को भेजी थी। इसके साथ ही बवाल की ज्वाइंट रिपोर्ट डीएम और एसपी ने भी शासन को भेजी थी। इसमें जेल के अधिकारियों को बवाल के लिए दोषी बताया गया था। शासन से कार्रवाई के लिए फाइल चुनाव आयोग को भेजी गई थी। आयोग से हरी झंडी मिलते ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने जेल अधीक्षक अनील कुमार गौतम, जेलर हरीश कुमार, डिप्टी जेलर भोलानाथ अंबेडकर को निलंबित कर दिया। इससे पूर्व 18 मार्च की रात इस मामले में तीन बंदी रक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। आईजी जेल प्रकाश चंद्र ने बताया कि बिजनौर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्र को आजमगढ़ का नया वरिष्ठ जेल अधीक्षक बनाया गया है। बाकी पदों पर भी जल्द तैनाती की जाएगी। साथ ही चिह्नित किए गए 29 बंदियों को जल्द ही दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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लापरवाही और मिलीभगत के चलते जेल में धड़ल्ले से मोबाइल चल रहे थे। जेल में बंद अपराधी लोगों को फोन कर रंगदारी मांग रहे थे। शूटरों को सुपारी देकर अपने विपक्षियों को रास्ते से हटवा रहे थे। अमर उजाला ने 11 नवंबर और 11 मार्च के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबरों को संज्ञान में लेकर 15 मार्च को एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह और एसपीसिटी कमलेश बहादुर ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाकर 35 मोबाइल, 13 चार्जर और सात ईयर फोन बरामद किया था। जेल में बंद पूर्व मंत्री अंगद यादव, पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा, कलीम जामई, विक्रम सिंह सहित अन्य बंदियों से मोबाइल मिलने के बाद कई बंदियों को थर्ड डिग्री दी गई थी। इससे नाराज बंदियों ने हंगामा कर दिया था। जेल के भीतर हुए बवाल को शांत कराने में पुलिस-प्रशासन को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ गया। आईजी जेल प्रकाश चंद्र ने डीआईजी जेल फैजाबाद रेंज अपर्णा गांगुली को मामले की जांच सौंपी थी। 16 मार्च से दो दिनों तक अपनी जांच पूरी कर डीआईजी जेल ने रिपोर्ट आईजी जेल को भेजी थी। इसके साथ ही बवाल की ज्वाइंट रिपोर्ट डीएम और एसपी ने भी शासन को भेजी थी। इसमें जेल के अधिकारियों को बवाल के लिए दोषी बताया गया था। शासन से कार्रवाई के लिए फाइल चुनाव आयोग को भेजी गई थी। आयोग से हरी झंडी मिलते ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने जेल अधीक्षक अनील कुमार गौतम, जेलर हरीश कुमार, डिप्टी जेलर भोलानाथ अंबेडकर को निलंबित कर दिया। इससे पूर्व 18 मार्च की रात इस मामले में तीन बंदी रक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। आईजी जेल प्रकाश चंद्र ने बताया कि बिजनौर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्र को आजमगढ़ का नया वरिष्ठ जेल अधीक्षक बनाया गया है। बाकी पदों पर भी जल्द तैनाती की जाएगी। साथ ही चिह्नित किए गए 29 बंदियों को जल्द ही दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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