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घाघरा नदी का कहर जारी, 9 और घर धारा में समाए
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:44 PM IST
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लाटघाट। तहसील क्षेत्र के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी का सेमरी गांव पर कहर जारी है। गुरुवार को भी नौ और घर घाघरा में समाहित हो गए। सभी विस्थापितों ने बेलाघाट-गोरखपुर बंधे पर शरण ली है वहीं कुछ लोग प्राथमिक स्कूल में आसरा लिए हैं। प्राइमरी स्कूल सेमरी भी कटान की जद में है। कटान की स्थिति यही रही तो दो-चार दिन में ही स्कूल का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
पिछले दो वर्ष में सेमरी गांव के 104 घर घाघरा नदी में विलीन हो चुके हैं। वर्ष 2017 में सेमरी गांव के लोहरैया में 39 घर का अस्तित्व समाप्त हुआ था। 2018 में अब तक लगभग 65 घर घाघरा नदी में विलीन हो चुके हैं। गुरुवार को गांव के केवटहिया पुरवा निवासी दिनेश, बेचू, त्रिलोकी, प्रमोद, जवाहिर, सचिन, सुरेंद्र, हरेंद्र, चंद्रजीत का घर घाघरा नदी में समाहित हो गया। ग्राम प्रधान दशरथ निषाद ने कहा कि पिछली बार के 39 लोगों को भी अब तक प्रशासन की ओर से न तो जमीन मिली है और न ही मुआवजा। सभी 39 लोग बंधेे पर शरण लिए हैं। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में हो रही कटान का कभी कोई सुध लेने वाला नहीं है। मजबूर होकर विस्थापित स्कूल और पंचायत भवन में शरण ले रहे हैं।
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जलस्तर घटा, फिर भी डिघिया में खतरा
लाटघाट। घाघरा नदी के जल स्तर में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भी वहीं डिघिया में लाल निशान से एक सेमी उपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर आठ सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर छह सेंटीमीटर घटा है। बदरहुआ नाले पर एक अगस्त को जल स्तर 71.32 मीटर था जो घटकर 71.24 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर 70.47 से घट कर 70.42 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।
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चह का निर्माण शुरू
लाटघाट। एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव के प्रयास से सोनौरा नाले पर बांस के पुल (चह) को बनाया जा रहा है। उफनाए हुए नाले पर ग्रामीणों के सहयोग से चह का निर्माण कराया जा रहा है। गत दो दिनों से नाले पर कईयों की जान जाने से बची है। एसडीएम ने तीन दिन पूर्व ही लेखपाल अनिल प्रजापति को निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। लेखपाल और प्रधान की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य गुरुवार को शुरू कराया गया। निर्माण कार्य हो जाने से अजगरा मगरबी, सोनौरा, देवारा खास राजा, साधू , झगरहवा, झनझनपुर के सैकड़ों बच्चों और ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।
पिछले दो वर्ष में सेमरी गांव के 104 घर घाघरा नदी में विलीन हो चुके हैं। वर्ष 2017 में सेमरी गांव के लोहरैया में 39 घर का अस्तित्व समाप्त हुआ था। 2018 में अब तक लगभग 65 घर घाघरा नदी में विलीन हो चुके हैं। गुरुवार को गांव के केवटहिया पुरवा निवासी दिनेश, बेचू, त्रिलोकी, प्रमोद, जवाहिर, सचिन, सुरेंद्र, हरेंद्र, चंद्रजीत का घर घाघरा नदी में समाहित हो गया। ग्राम प्रधान दशरथ निषाद ने कहा कि पिछली बार के 39 लोगों को भी अब तक प्रशासन की ओर से न तो जमीन मिली है और न ही मुआवजा। सभी 39 लोग बंधेे पर शरण लिए हैं। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में हो रही कटान का कभी कोई सुध लेने वाला नहीं है। मजबूर होकर विस्थापित स्कूल और पंचायत भवन में शरण ले रहे हैं।
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जलस्तर घटा, फिर भी डिघिया में खतरा
लाटघाट। घाघरा नदी के जल स्तर में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भी वहीं डिघिया में लाल निशान से एक सेमी उपर बह रही है। पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर आठ सेंटीमीटर और डिघिया नाले पर छह सेंटीमीटर घटा है। बदरहुआ नाले पर एक अगस्त को जल स्तर 71.32 मीटर था जो घटकर 71.24 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर 70.47 से घट कर 70.42 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।
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चह का निर्माण शुरू
लाटघाट। एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव के प्रयास से सोनौरा नाले पर बांस के पुल (चह) को बनाया जा रहा है। उफनाए हुए नाले पर ग्रामीणों के सहयोग से चह का निर्माण कराया जा रहा है। गत दो दिनों से नाले पर कईयों की जान जाने से बची है। एसडीएम ने तीन दिन पूर्व ही लेखपाल अनिल प्रजापति को निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। लेखपाल और प्रधान की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य गुरुवार को शुरू कराया गया। निर्माण कार्य हो जाने से अजगरा मगरबी, सोनौरा, देवारा खास राजा, साधू , झगरहवा, झनझनपुर के सैकड़ों बच्चों और ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।