फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   अस्पतालों में एंटी रेबीज का टोटा, मरीज परेशान

अस्पतालों में एंटी रेबीज का टोटा, मरीज परेशान

Wed, 03 Jan 2018 11:49 PM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
अस्पतालों में एंटी रेबीज का टोटा, मरीज परेशान
आजमगढ़। योगी सरकार में सरकारी अस्पतालों की दशा सुधरने के बजाए बिगड़ती ही जा रही है। दवाओं की किल्लत से जुझ रहे सरकारी अस्पतालों में अब कुत्ता काटने के बाद लगने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन भी नहीं मिल रही है। यह स्थिति न सिर्फ पीएचसी और सीएचसी, बल्कि मंडलीय अस्पताल में भी डेढ़ माह से है। जिसके अभाव में मरीजों को बाहर से इंजेक्शन को खरीदना पड़ रहा है। जबकि कई मरीजों को बिना सुई के मायूस लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन

ठंड के मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती है। इस दौरान अस्पतालों पर प्रतिदिन कुत्ता काटने की सुई लगवाने आने वालों की भीड़ उमड़ती है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों पर इस वैक्सीन का टोटा है। अस्पताल पर पहुंचने वाले मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन न मिलने से परेशान हैं और मजबूरी में मुंहमांगी कीमत देकर प्राइवेट में सुई लगवा रहे है। योगी सरकार ने स्वस्थ्य केंद्रों की दशा सुधारने का दावा किया था, लेकिन वर्तमान में स्थिति बहुत ही बुरी हो गई है। कभी अस्पताल पर दवाओं की किल्लत होती है तो कभी डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत मिलती है। वर्तमान में जिले में स्थित प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन माह से अधिक समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। वहीं मंडल मुख्यालय स्थित मंडलीय अस्पताल का भी डेढ़ माह से बुरा हाल है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएल केशरवानी ने बताया कि जिन दवा कंपनियों से एंटी रेबीज इंजेक्शन मंगवाना है, उन्हें कई-कई बार आर्डर दिया जा चुका है, लेकिन उधार होने के कारण कंपनियां अब तक एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा रही हैं। उधार चुकाने के लिए शासन से धन की डिमांड की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed