{"_id":"5a31703d4f1c1b8b688b8447","slug":"21513189437-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिलेख के अनुसार स्पष्ट करें कौन सी प्रशिक्षण ुक्ति सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिलेख के अनुसार स्पष्ट करें कौन सी प्रशिक्षण ुक्ति सही
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। फर्जी प्रशिक्षण मुक्ति आदेश पर समाज कल्याण विभाग का हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के चार शिक्षकों का वेतन समाज कल्याण विभाग की ओर से रोक दिया गया था। हालांकि एडी बेसिक कार्यालय से जारी इस प्रशिक्षण मुक्ति आदेश को स्पष्ट रूप से फर्जी नहीं बताया गया। सिर्फ ये कहा गया था कि अभिलेख न होने से इसका सत्यापन संभव नहीं है। इस संबंध में फिर शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर ने एडी बेसिक को निर्देश दिया है कि मामले में स्पष्ट बताएं कि अभिलेख के अनुसार कौन सा आदेश फर्जी है। अस्पष्ट रिपोर्ट न दी जाए।
पिछले माह कमिश्नर को एडी बेसिक कार्यालय से एक ही पत्रांक और तिथि पर दो प्रशिक्षण मुक्ति आदेश जारी होने की शिकायत मिली थी। एक आदेश पर छह शिक्षकों और एक पर पांच शिक्षकों समाज कल्याण विभाग की ओर से वेतन जारी किया जा रहा था। जांच के बाद एडी बेसिक की ओर से पत्रांक संख्या 2883-86 को सही माना गया था। साथ ही 2883-87 पर जारी आदेश के सत्यापन से इंकार दिया गया था। इससे इस आदेश पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के चार शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया था। एक शिक्षक पहले ही रिटायर हो चुके थे। शिकायतकर्ता की ओर से मंगलवार को कमिश्नर से फिर शिकायत की गई कि एडी बेसिक योगेंद्र कुमार सिंह की ओर से सिप4 पत्रांक 2883-87 पर जारी आदेश के सत्यापन से इंकार किया गया है। इससे फर्जी आदेश पर वेतन पाने वाले शिक्षकों के बचने की संभावना उत्पन्न हो गई है। वो कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। शिकायत पर कमिश्नर के रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को निर्देश दिया है कि मामले में स्पष्ट बताएं कि अभिलेख के अनुसार कौन सा आदेश फर्जी है। लाभ पहुंचाने की नीयत से अस्पष्ट रिपोर्ट न दी जाए।
विज्ञापन
पिछले माह कमिश्नर को एडी बेसिक कार्यालय से एक ही पत्रांक और तिथि पर दो प्रशिक्षण मुक्ति आदेश जारी होने की शिकायत मिली थी। एक आदेश पर छह शिक्षकों और एक पर पांच शिक्षकों समाज कल्याण विभाग की ओर से वेतन जारी किया जा रहा था। जांच के बाद एडी बेसिक की ओर से पत्रांक संख्या 2883-86 को सही माना गया था। साथ ही 2883-87 पर जारी आदेश के सत्यापन से इंकार दिया गया था। इससे इस आदेश पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के चार शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया था। एक शिक्षक पहले ही रिटायर हो चुके थे। शिकायतकर्ता की ओर से मंगलवार को कमिश्नर से फिर शिकायत की गई कि एडी बेसिक योगेंद्र कुमार सिंह की ओर से सिप4 पत्रांक 2883-87 पर जारी आदेश के सत्यापन से इंकार किया गया है। इससे फर्जी आदेश पर वेतन पाने वाले शिक्षकों के बचने की संभावना उत्पन्न हो गई है। वो कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। शिकायत पर कमिश्नर के रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को निर्देश दिया है कि मामले में स्पष्ट बताएं कि अभिलेख के अनुसार कौन सा आदेश फर्जी है। लाभ पहुंचाने की नीयत से अस्पष्ट रिपोर्ट न दी जाए।
विज्ञापन