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लेखपालों ने सरकार पर लगाया हठवादी रवैए का आरोप
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:36 PM IST
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आजमगढ़। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर उप्र लेखपाल संघ द्वारा कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित रिक्शा स्टैंड पर किया जा रहा धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। धरने के दौरान लेखपालों ने सरकार पर हठवादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। धरने में सभी तहसीलों के लेखपालों ने हिस्सा लिया। अमीन संघ के जिलाध्यक्ष हरिहर सिंह ने लेखपालों के धरने को अपना समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज पूरे प्रदेश के लेखपाल आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालयों पर गांधीवादी तरीके से धरना दे रहे हैं लेकिन वर्तमान सरकार अपनी हठवादी रवैए पर कायम है। सरकार हमारी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। सरकार के तानाशाही रवैए से लेखपालों में आक्रोश बढ़ रहा है। सरकार ने कई लेखपालों को निलंबित कर दिया जो घोर निंदनीय है। वक्ताओं ने कहा कि निलंबन गिरफ्तारी होने के बाद भी हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। जिले के सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों से मांगों के समर्थन में समर्थन पत्र लिखवाकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे। लेखपाल संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इस अवसर पर पंकज अस्थाना, शकील अहमद, रामप्यारे यादव, प्रेम प्रकाश यादव, राजेंद्र राय, सुनील कुमार चौधरी, यशपाल चौहान, रामकृपाल सिंह, गोरखनाथ यादव, रामानुज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता संतदेव राम और संचालन मीडिया प्रभारी अमित पांडेय ने किया।
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