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60 में 20 मरीज मिर्गी के शिकार, खुले में शौच बन रहा कारण

Wed, 04 Jul 2018 12:08 AM IST
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:08 AM IST
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60 में 20 मरीज मिर्गी के शिकार, खुले में शौच बन रहा कारण
आजमगढ़। शासन लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए सभी जनपदों को दो अक्तूबर तक ओडीएफ कराने के लिए मुहिम छेड़े हुए है। ऐसे में लोगों को जागरूकर करने में लिए चिकित्सक भी खुले में शौच न करने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल बड़ी संख्या में ऐसे ग्रामीण हैं जो शौचालय होते हुए भी अपनी सोच बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। दरअसल इसी आदत की वजह से दूषित भोजन और पेयजल के जरिए खतरनाक वैक्टेरिया पेट के जरिए दिमाग तक पहुंच रहे हैं। इससे मिर्गी जैसे गंभीर बीमारी लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। जिले के न्यूरो सर्जन के पास रोजाना पहुंचने वाले करीब 60 मरीजों में 20 मिर्गी से पीड़ित निकल रहे हैं। पहुंच रहे हैं।
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सोमवार के शहर के प्रमुख चिकित्सकों ने प्रेसवार्ता कर इस गंभीर समस्या के बारे में लोगों को जागरूक किया। शहर के प्रमुख न्यूरो सर्जन डॉ. अनूप सिंह यादव ने कहा कि पूरे पूर्वांचल में मिर्गी की बीमारी तेजी से फैल रही है। जानलेवा न होने की वजह से आम जनता इसे किस्मत मानकर स्वीकार कर ले रही है। दिमाग के कीड़ों के कारण आने वाले झटके इस बीमारी की सबसे बड़ी वजह हैं। खुले में शौच से दूषित भोजन अथवा पेयजल संक्रमित हो जाते हैं। ऐसे मेें स्वस्थ व्यक्ति के पेट में पहुंचकर उसे भी बीमार करते हैं। लाइफ लाइन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. पीयूष कुमार और डॉ. गायत्री कुमारी ने जनता से अपील की कि खुले में शौच एक सामाजिक बुराई नहीं बल्कि सामाजिक अपराध है। इसे तुरंत बंद होना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अगर लोग भारत में खुले में शौच करना बंद कर दें तो गांवों में रहने वाले प्रति परिवार सालाना लगभग दस हजार रुपयों की बचत कर सकेंगे। इतनी धनराशि वो वो पूरे वर्ष इलाज पर खर्च करते हैं।
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कैसे पहुंचते हैं खतरनाक कीड़े
आजमगढ़। फीता कृमि नामक ये वैक्टेरिया सूअर और मनुष्य के पेट में रहता है। उसके अंडे शौच में निकलते हैं। खुले में शौच की प्रवृति के कारण ये अंडे सब्जियों अथवा पानी के साथ स्वस्थ व्यक्ति के पेट में पहुंच जाते हैं। जब ये मस्तिष्क में पहुंचते हैं तो मरीज को झटके आने लगते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.एलजे यादव और डॉ. दीपक पांडेय ने बताया की बच्चों की 75 प्रतिशत बीमारियां खुले में शौच करने वाले लोगों के कारण फ़ैल रही है। इतना ही नहीं वायरल बुखार, पीलिया, टायफाइड, बच्चों का वजन का न बढ़ना, दस्त और हैजा का कारण भी बनते हैं।
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