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अल्लाह के नूर से पैदा हुई पूरी कायनात
Updated Mon, 03 Dec 2018 11:07 PM IST
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आजमगढ़। मुहल्ला एलवल मस्जिद कमेटी की तरफ रविवार की रात जश्ने ईदमिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। जलसे की शुरूआत कुरआन की तिलावत के साथ हुई। मौलाना इमरान रजा अमजदी ने जलसे को खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह ने सबसे पहले अपने नूर को पैदा किया। उसी नूर से उसने पूरी कायनात को पैदा किया। हुजूर अल्लाह के नूर की शक्ल में थे। उन्हीं के नूर से पूरी दुनियां कायम हुई।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी डिग्री नबूअत की होती है। वह हुजूर को मिली थी। उन्होंने कहा कि हुजूर की पैदाइश का जश्न मनाया जाना किसी भी किताब में मना नहीं है। कोई सहाबा हुजूर जैसा नहीं है। जब हुजूर मक्का में पैदा हुए तो उस वक्त लोग बुतपरस्ती किया करते थे। अल्लाह के नबी ने सभी का इमान लाने का काम किया। हुजूर की पैदाइश, कुरआन का नाजिल होना और इस्लाम हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है। जलसे को मौलाना अब्दुल रहीम कादरी, हाफिज रमजान ने भी खिताब किया। नातिया शायर अनवारूल कादरी के नातिया पाक को सुनकर महफिल झूम उठी। इनके अलावा नातिया शायर मौलाना अरमान, जफरुद्दीन ने भी नातिया कलाम पेश किया। सेवानिवृत्त सहायक बेसिक शिक्षाधिकारी हाजी वाजिद अली, सेराज अहमद, अमरोज अहमद, सुफियान अहमद, जुम्मन शाह, उस्मान अंसारी, फैयाज अहमद, कलीम शाह समेत अनेक लोग शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी डिग्री नबूअत की होती है। वह हुजूर को मिली थी। उन्होंने कहा कि हुजूर की पैदाइश का जश्न मनाया जाना किसी भी किताब में मना नहीं है। कोई सहाबा हुजूर जैसा नहीं है। जब हुजूर मक्का में पैदा हुए तो उस वक्त लोग बुतपरस्ती किया करते थे। अल्लाह के नबी ने सभी का इमान लाने का काम किया। हुजूर की पैदाइश, कुरआन का नाजिल होना और इस्लाम हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है। जलसे को मौलाना अब्दुल रहीम कादरी, हाफिज रमजान ने भी खिताब किया। नातिया शायर अनवारूल कादरी के नातिया पाक को सुनकर महफिल झूम उठी। इनके अलावा नातिया शायर मौलाना अरमान, जफरुद्दीन ने भी नातिया कलाम पेश किया। सेवानिवृत्त सहायक बेसिक शिक्षाधिकारी हाजी वाजिद अली, सेराज अहमद, अमरोज अहमद, सुफियान अहमद, जुम्मन शाह, उस्मान अंसारी, फैयाज अहमद, कलीम शाह समेत अनेक लोग शामिल रहे।
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