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हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी करा दी वरासत, दो लेखपाल निलंबित
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। जमीन के एक मामले में स्टे होने के बाद भी लेखपालों द्वारा उक्त जमीन की वरासत एक महिला के नाम कर दी गई। जांच में पता चला कि तथ्यों को जानने के बाद भी उनके द्वारा यह कार्रवाई की गई है। इस पर एसडीएम सदर प्रकाश चंद्र ने गुरुवार को दोनों लेखपालों को निलंबित कर दिया। सदर तहसील के सिधारी मुहल्ले के लेखपाल इंद्रसेन सिंह और तिवारीपुर के लेखपाल रामसागर यादव थे। तिवारीपुर गांव निवासी पारसनाथ की मृत्यु हो गई। उनकी कुछ जमीन सिधारी मुहल्ले में थी। जमीन की वरासत को लेकर कुछ विवाद था। जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर दे रखा था। लेकिन इन दोनों लेखपालों ने उक्त मामलें को जानते हुए जमीन की वरासत सुशीला देवी के पक्ष में कर दी। इसकी शिकायत किसी ने तत्कालीन एसडीएम सदर प्रशांत कुमार से कर दी। इस शिकायत पर एसडीएम ने तहसीलदार न्यायिक वीपी सिंह को जांच अधिकारी नामित कर दिया। जांच के तहसीलदार न्यायिक वीपी सिंह ने जो रिपोर्ट उपलब्ध कराई उसमें उन्होंने कहा कि दोनों लेखपालों द्वारा स्टे आर्डर की जानकारी होते हुए भी जमीन की वरासत सुशीला देवी के पक्ष की गई। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम प्रकाश चंद्र ने दोनों लेखपालों इंद्रसेन सिंह और रामसागर यादव को गुरुवार को निलंबित कर दिया। प्रकाश चंद्र, एसडीएम सदर ने कहा कि जांच रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों को हाईकोर्ट के स्टे आर्डर की जानकारी थी। इसके बाद भी इन लोगों द्वारा वरासत की गई। जो गलत है ऐसी गलती को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
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