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बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहे मेडिकल हाल
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:48 PM IST
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लालगंज। कस्बा लालगंज में लगभग एक दर्जन दवाओं के थोक विक्रेता है और दो दर्जन से अधिक फुटकर दवाओं की दुकान है। जिले के उच्चाधिकारियों की लापरवाही की वजह से फुटकर दवा विक्रेता बिना लाइसेंस के और बिना फार्मासिस्ट के ही मरीजों को दवा देने का काम करते हैं। इतना ही नहीं बिना चिकित्सकों की सलाह के ही उनके द्वारा छोटी मोटी बीमारियों में दवा दे दी जाती है। लालगंज कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टीकरगाढ़ के सामने एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर हैं। इनमें से कई दुकानें बिना लाइसेंस की हैं। ये बिना फार्मासिस्ट के ही दवा दे रहे हैं। हरनी डेहरा निवासी अनिल गौड़ ने बताया कि थोक और फुटकर मेडिकल स्टोरों पर दवाएं आसानी से मिल जाती हैं। किसी भी मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं हैं। खनियरा निवासी हरिकेश सिंह ने बताया कि जिले से उच्चाधिकारी आते तो जरूर हैं लेकिन जिनके पास लाइसेंस है उन्हीं की दुकानों पर जाते हैं। बिना लाइसेंस वाली दुकानों पर जाने की जहमत नहीं उठाते। ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट का होना न होना उसके लाइसेंस के कंडीशन पर निर्भर है। आन पेपर तो सभी फुटकर दवा विक्रेताओं के पास फार्मासिस्ट की सूचना है। अगर कभी चेकिंग के दौरान फार्मासिस्ट नहीं मिलता है या बगैर लाइसेंस के दुकान खोली गई है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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