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...संसद में लूट होने लगे, अब चंबल में डाकू कम होने लगे
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:55 PM IST
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आजमगढ़। सूंड़ फैजाबादी स्मृति समारोह के अवसर पर शनिवार की रात नगर के वेस्ली इंटर कालेज परिसर में 18वें राष्ट्रीय एकता कवि सम्मेलन का आयोजन ‘एक शाम ध्रुव कुमार अग्रवाल के नाम’ से हुआ। सम्मेलन में जनपद के बाहर से आए कवियों ने पूरे पंडाल को ठहाके लगाने पर मजबूर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतुल कुमार मुन्ना, सलीम भाई, अक्स चिरैयाकोटी ने अपनी रचनाओं से लोगों का मनोरंजन किया। इलाहाबाद से आए बिहारी लाल अंबर और बिहार से आए फजीहत गहमरी ने अपनी रचनाओं से लोगों केे ठहाके लगाने के लिए विवश किया। अंबर ने सुनाया ‘जो हो देशद्रोही उसे सूली पर चढ़ाएं, पत्थर चलाने वालों पर गोली चलाएं, यदि बलात्कार में लिप्त हो कोई, बाबा ले जाकर उसकी बधिया कराइए’। फिर संसद में लूट होने लगे, अब चंबल में डाकू कम होने लगे सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। सम्मेलन में गाजियाबाद से आए पंकज प्रखर, कौशांबी से आई उर्वशी आर्या, फैजाबाद से आई रुचि द्विवेदी, बनारस से आए डंडा बनारसी सहित कई कवियों अपनी रचनाओं से लोगों का मनोरंजन किया। देर रात तक श्रोता कविता का रसपान करने के लिए मैदान में जमे रहे। वहीं, सम्मेलन में शायर शाहिद वर्की की किताब का विमोचन पालिकाध्यक्ष शीला श्रीवास्तव ने किया। एक सप्ताह पूर्व शाहिद बरकी का इंतकाल हो गया। कार्यक्रम के संयोजक गीतकार वैभव वर्मा ने संचालन किया। उन्होंने बताया कि शायर बरकी के बच्चे उनके इंतकाल के बाद अनाथ हो चुके हैं। उन्होंने शाहिद बरकी के परिजनों के लिए 5000 रुपये देकर किताब ग्रहण किया। वहां उपस्थित लोगों ने भी धनराशि देकर किताबें खरीदी। संचालक ने बताया कि जो धनराशि इस किताब से प्राप्त हुई है। उसे कल शाहिद के बच्चों के हवाले कर दिया जाएगा।
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