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न्यूरो के सर्जन ने कर दिया हड्डी का आपरेशन
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:08 AM IST
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आजमगढ़। प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराने के बाद सड़ रहे पैर का जिला अस्पताल में इलाज करने वाले युवक ने अस्पताल और उसके डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी। युवक ने आरोप लगाया कि न्यूरो सर्जन ने पैर की हड्डी का ऑपरेशन किया और घाव में सड़न होने के बाद भी 22 दिनों तक जबरन अस्पताल में भर्ती रखा। किसी तरह से प्राइवेट अस्पताल से निकलकर वह जिला अस्पताल में अपना उपचार करा रहा है। नागेंद्र पुत्र स्व. रामबचन ने सीएमओ की अनुपस्थिति में एडिशनल सीएमओ डॉ. परवेज अख्तर को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि 1 जून को वह अपने भाई जितेंद्र के साथ बाइक से नरौली से सठियांव जा रहा था। खुजिया बाजार के पास कुत्ते को बचाने में बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को 108 नंबर एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देेखकर हॉयर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों को जिला मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक का आरोप है कि न्यूरो सर्जन ने उसके पैर की हड्डी का ऑपरेशन किया। जितेंद्र को तो 11 दिन के बाद छोड़ दिया गया लेकिन नागेंद्र भर्ती रहा। ऑपरेशन के घाव में सड़न होने पर उसने अस्पताल प्रशासन को छोड़ने को कहा। लेकिन अस्पताल प्रशासन उन्हें जबरन भर्ती किए रहा। इस दौरान उनसे इलाज के नाम पर 3.10 लाख रुपये वसूले गए। घाव में सड़न बढ़ने पर वह किसी तरह वहां से निकला भागा और जिला अस्पताल पहुंच कर अपना इलाज करा रहा है। एडिशनल सीएमओ ने पीड़ित को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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