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तमसा की सफाई के लरए आगे आया विसंस
Updated Mon, 28 May 2018 11:56 PM IST
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आजमगढ़। गंगा नदी की तर्ज पर तमसा नदी की सफाई करने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को आजमगढ़ विकास संघर्ष समिति के बैनर तले हरिकेश कुमार यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। समिति के लोगों ने तमसा की सफाई के साथ इसके तट पर स्थित दुर्बासा, दत्तात्रेय धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की भी मांग किया।
हरिकेश कुमार यादव ने कहा कि जनपद की जीवनदायिनी तमसा नदी आज शासन-प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैए के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। शहर के कूड़े नदी में बह रहे हैं। तमसा नदी का जल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है, वह नदी से नाले का रूप ले चुकी है। जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण नदी के किनारे बेरोकटोक मकान बनाए जा रहे हैं। जनपद की जीवनदायिनी तमसा तट के किनारे हजारों गांव बसे हुए हैं। खेतों की सिंचाई धार्मिक कर्मकांड इसी नदी के सहारे होता है। लेकिन नपा प्रशासन शहर के सभी नालों को नदी में बहा रहा है जिससे जल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। नदी में बढ़ते प्रदूषण, उपेक्षात्मक रवैए के कारण नदी सूखती जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए अब तक कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है। आविसंस ने मांग किया कि गंगा नदी की भांति ही तमसा नदी की भी सफाई किया जाए। नदी के तट पर स्थित दुर्वासा, चंद्रमा ऋषि और दत्तात्रेय धाम को पर्यटन स्थल के रूप में जल्द से जल्द विकसित किया जाय। नदी के किनारे हो रहे अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जाए। इस मौके पर जितेंद्र यादव, संतोष, नवतेज, उमाशंकर, पप्पू, तरूण, रामशकल विश्वकर्मा, संजय, विरेंद्र कन्नौजिया, शाहआलम, राजू, रंजन निषाद आदि उपस्थित थे।
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हरिकेश कुमार यादव ने कहा कि जनपद की जीवनदायिनी तमसा नदी आज शासन-प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैए के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। शहर के कूड़े नदी में बह रहे हैं। तमसा नदी का जल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है, वह नदी से नाले का रूप ले चुकी है। जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण नदी के किनारे बेरोकटोक मकान बनाए जा रहे हैं। जनपद की जीवनदायिनी तमसा तट के किनारे हजारों गांव बसे हुए हैं। खेतों की सिंचाई धार्मिक कर्मकांड इसी नदी के सहारे होता है। लेकिन नपा प्रशासन शहर के सभी नालों को नदी में बहा रहा है जिससे जल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। नदी में बढ़ते प्रदूषण, उपेक्षात्मक रवैए के कारण नदी सूखती जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए अब तक कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है। आविसंस ने मांग किया कि गंगा नदी की भांति ही तमसा नदी की भी सफाई किया जाए। नदी के तट पर स्थित दुर्वासा, चंद्रमा ऋषि और दत्तात्रेय धाम को पर्यटन स्थल के रूप में जल्द से जल्द विकसित किया जाय। नदी के किनारे हो रहे अवैध निर्माण पर अंकुश लगाया जाए। इस मौके पर जितेंद्र यादव, संतोष, नवतेज, उमाशंकर, पप्पू, तरूण, रामशकल विश्वकर्मा, संजय, विरेंद्र कन्नौजिया, शाहआलम, राजू, रंजन निषाद आदि उपस्थित थे।
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