{"_id":"5af08ff84f1c1b9d098b8a66","slug":"181525714936-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनियमितता में प्रधानाध्यापक और गबन में सहायक अध्यापक निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनियमितता में प्रधानाध्यापक और गबन में सहायक अध्यापक निलंबित
Updated Tue, 08 May 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
पल्हनी (आजमगढ़)। बच्चों के एमडीएम में गड़बड़ी, अनुपस्थित अध्यापकों के हस्ताक्षर कालम को खाली छोड़ने और निरीक्षण में पंजीकृत 58 में से चार छात्रों के मिलने पर प्रधानाध्यापक और विद्यालय की बाउंड्रीवाल के निर्माण में गबन करने के मामले में एक सहायक को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने सोमवार को निलंबित कर दिया। दोनों को बीआरसी केंद्रों से संबद्घ करते हुए उक्त मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपते हुए 15 दिन के अंदर जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि प्रधानाध्यापक माहेश्वरी राय हरैया विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय इटैली में कार्यरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया ने अपनी जांच आख्या में इनके ऊपर विद्यालय में पंजीकृत 58 छात्रों के सापेक्ष चार छात्रों का उपस्थित पाया जाना, एमडीएम पंजिका पर एक मई को 38 बच्चे, दो मई को 30 बच्चे और तीन को 32 बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर भोजन बनवाया गया। अनुपस्थित अध्यापकों के हस्ताक्षर के कालम को इनके द्वारा खाली छोड़ा जाना और विद्यालय में शैक्षणिक माहौल को प्रभावित किए जाने का आरोप लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया। उनके इस प्रस्ताव पर उन्हें निलंबित करते हुए बीआरसी हरैया से संबद्घ किया गया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय महेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय उलाउद्दीनपट्टी में तैनात सहायक अध्यापक घनश्याम यादव को भी जिला समन्वयक की आख्या के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। अपनी आख्या में जिला समन्वयक ने कहा है कि दो वर्ष पूर्व घनश्याम यादव कार्यवाहक प्रधानाध्यापक थे। इनके द्वारा 100 मीटर चहारदीवारी निर्माण के स्थान पर 43 मीटर ही चहारदीवारी का निर्माण कराया गया। जबकि उनके द्वारा समस्त धनराशि एक लाख 17 हजार पांच सौ रुपये का आहरण किया गया। शिकायत पत्र का निस्तारण करते हुए इनसे एक सप्ताह के अंदर 69 हजार 995 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया। लेकिन इन्होंने धनराशि को जमा नहीं किया। जिला समन्वयक की इस आख्या के आधार पर सहायक अध्यापक घनश्याम यादव को निलंबित करते हुए बीआरसी केंद्र बिलरियागंज से संबद्घ किया गया। उक्त प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी हरैया जनार्दन यादव को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि प्रधानाध्यापक माहेश्वरी राय हरैया विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय इटैली में कार्यरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया ने अपनी जांच आख्या में इनके ऊपर विद्यालय में पंजीकृत 58 छात्रों के सापेक्ष चार छात्रों का उपस्थित पाया जाना, एमडीएम पंजिका पर एक मई को 38 बच्चे, दो मई को 30 बच्चे और तीन को 32 बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर भोजन बनवाया गया। अनुपस्थित अध्यापकों के हस्ताक्षर के कालम को इनके द्वारा खाली छोड़ा जाना और विद्यालय में शैक्षणिक माहौल को प्रभावित किए जाने का आरोप लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया। उनके इस प्रस्ताव पर उन्हें निलंबित करते हुए बीआरसी हरैया से संबद्घ किया गया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय महेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय उलाउद्दीनपट्टी में तैनात सहायक अध्यापक घनश्याम यादव को भी जिला समन्वयक की आख्या के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। अपनी आख्या में जिला समन्वयक ने कहा है कि दो वर्ष पूर्व घनश्याम यादव कार्यवाहक प्रधानाध्यापक थे। इनके द्वारा 100 मीटर चहारदीवारी निर्माण के स्थान पर 43 मीटर ही चहारदीवारी का निर्माण कराया गया। जबकि उनके द्वारा समस्त धनराशि एक लाख 17 हजार पांच सौ रुपये का आहरण किया गया। शिकायत पत्र का निस्तारण करते हुए इनसे एक सप्ताह के अंदर 69 हजार 995 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया। लेकिन इन्होंने धनराशि को जमा नहीं किया। जिला समन्वयक की इस आख्या के आधार पर सहायक अध्यापक घनश्याम यादव को निलंबित करते हुए बीआरसी केंद्र बिलरियागंज से संबद्घ किया गया। उक्त प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी हरैया जनार्दन यादव को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन