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मां-बेटे की मौत से खानकाह में पसरा सन्नाटा
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:48 PM IST
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सरायमीर। थाना क्षेत्र के खानकाह गांव में सोमवार की दोपहर मकान में अवैध तरीके से पटाखा बनाते समय विस्फोट होने से जहां झुलसे मां-बेटे की मौत हो गई। वहीं दो लोग अभी भी अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों का कहना है कि इतने दिनों से घर में पटाखा बनाया जा रहा था, पर पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
खानकाह गांव निवासी मंगरु की मौत के बाद परिवार को आर्थिक स्थिति से ऊबारने के लिए उसका बेटा राजन ने घर में ही अवैध तरीके से पटाखा बनाकर बेचने का काम शुरू कर दिया। आमदनी होने पर परिवार के अन्य सदस्य भी इस काम में हाथ बंटाने लगे। आलम यह था कि यह लोग बगैर लाइसेंस लिए और सुरक्षा के मानकों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से काम करने लगे। सोमवार की दोपहर घर में पटाखा बनाते समय ही विस्फोट होने से आग लग गई। इसमें राजन के अलावा उसकी मां मीरा देवी, भाई चंदन और चंदन की पत्नी सुधा झुलस गई। जबकि घर में रखे हजारो रुपये मूल्य का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटा के बाद लोग गैस सिलेंडर फटने से विस्फोट और आग लगना बता रहे। वहीं राजन के पड़ोसियों ने बताया कि यह लोग अवैध तरीके से घर में पटाखा बना रहे थे। सोमवार को इलाज के दौरान मीरा और उसके बेटे राजन की मौत के बाद जहां गांव में सन्नाटा पसर गया। वहीं हर जुबान पर सिर्फ इसी घटना का जिक्र था। हालांकि पुलिस अवैध पटाखा बनाए जाने की बात से इंकार कर रही है, लेकिन उसके पड़ोसियों ने इसका पुख्ता दावा किया है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि घर में पटाखा बन रहा था या नहीं। यदि बन रहा था तो यह किसकी सह पर बनाया जा रहा था। प्रभारी निरीक्षक सरायमीर रामनरेश यादव ने बताया कि अब तक की जांच में गैस सिलेंडर से आग लगने का पता चला है। सही क्या है। इसकी जांच की जा रही है।
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खानकाह गांव निवासी मंगरु की मौत के बाद परिवार को आर्थिक स्थिति से ऊबारने के लिए उसका बेटा राजन ने घर में ही अवैध तरीके से पटाखा बनाकर बेचने का काम शुरू कर दिया। आमदनी होने पर परिवार के अन्य सदस्य भी इस काम में हाथ बंटाने लगे। आलम यह था कि यह लोग बगैर लाइसेंस लिए और सुरक्षा के मानकों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से काम करने लगे। सोमवार की दोपहर घर में पटाखा बनाते समय ही विस्फोट होने से आग लग गई। इसमें राजन के अलावा उसकी मां मीरा देवी, भाई चंदन और चंदन की पत्नी सुधा झुलस गई। जबकि घर में रखे हजारो रुपये मूल्य का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटा के बाद लोग गैस सिलेंडर फटने से विस्फोट और आग लगना बता रहे। वहीं राजन के पड़ोसियों ने बताया कि यह लोग अवैध तरीके से घर में पटाखा बना रहे थे। सोमवार को इलाज के दौरान मीरा और उसके बेटे राजन की मौत के बाद जहां गांव में सन्नाटा पसर गया। वहीं हर जुबान पर सिर्फ इसी घटना का जिक्र था। हालांकि पुलिस अवैध पटाखा बनाए जाने की बात से इंकार कर रही है, लेकिन उसके पड़ोसियों ने इसका पुख्ता दावा किया है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि घर में पटाखा बन रहा था या नहीं। यदि बन रहा था तो यह किसकी सह पर बनाया जा रहा था। प्रभारी निरीक्षक सरायमीर रामनरेश यादव ने बताया कि अब तक की जांच में गैस सिलेंडर से आग लगने का पता चला है। सही क्या है। इसकी जांच की जा रही है।
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