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कूड़े से उठते दुर्गंध और धुएं में लोगों का घुटता है दम
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। नगर पालिका की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। मोदी-योगी के स्वच्छता अभियान को शहर क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन फ्लाप करने में जुटा हुआ है। जिसके चलते कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन का चयन हो जाने के बाद भी कूड़ा आबादी के बीच फेंका जा रहा है। कूड़े से उठ रहे दुर्गंध और धुंए से अब तो लोगों का बुरा हाल हो गया है।
शहर का शायद ही कोई मुहल्ला हो जहां कूड़े का ढेर न दिखायी दे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि आबादी के बीच ही कई स्थानों पर नपा प्रशासन ने अस्थायी कूड़ा संग्रह केंद्र बना दिया है। इसमें बदरका तिराहा की स्थिति तो यह है कि बीच सड़क तक कूड़ा चौबीसों घंटे पड़ा रहता है। नपा प्रशासन एक तरफ कूड़ा हटवाता है तो दूसरी तरफ गलियों का कूड़ा नपा के कर्मचारी पुन: लाकर फेक देते है। ऐसा ही कुछ हाल शिब्ली पीजी कालेज जैसे प्रतिष्ठित विद्यालय के सामने का भी है। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ क्षेत्र में प्रतिदिन 30 से 32 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पूर्व में नपा प्रशासन इन कूड़ों को शहर में विभिन्न स्थानों पर पाट रहा था। वर्तमान में शहर के अतलस पोखरा क्षेत्र में राजघाट के पास कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। कूड़े के इन ढेर लगी आग से उठ रहे धूंए कभी-कभी तो दम घोटू साबित होने लगे है। क्षेत्र के अखिलेश मौर्या, आशीष विश्वकर्मा, प्रवीण शर्मा, दिनेश सोनकर, मनीष वर्मा आदि का कहना है कि आबादी के बीच कूड़ा फेके जाने से गर्मी के मौसम में बीमारी फैलने का भी खतरा है। इसके बाद भी नपा प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं कई स्थानों पर नालियों का भी बुरा हाल है। कचड़े से पटी नालियों का पानी सड़क पर फैल कर बीमारियां फैला रहा है। योगी-मोदी का स्वच्छता अभियान पूरे नपा क्षेत्र में फेल नजर आ रहा है।
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शहर का शायद ही कोई मुहल्ला हो जहां कूड़े का ढेर न दिखायी दे। सबसे बड़ी बात तो यह है कि आबादी के बीच ही कई स्थानों पर नपा प्रशासन ने अस्थायी कूड़ा संग्रह केंद्र बना दिया है। इसमें बदरका तिराहा की स्थिति तो यह है कि बीच सड़क तक कूड़ा चौबीसों घंटे पड़ा रहता है। नपा प्रशासन एक तरफ कूड़ा हटवाता है तो दूसरी तरफ गलियों का कूड़ा नपा के कर्मचारी पुन: लाकर फेक देते है। ऐसा ही कुछ हाल शिब्ली पीजी कालेज जैसे प्रतिष्ठित विद्यालय के सामने का भी है। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ क्षेत्र में प्रतिदिन 30 से 32 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पूर्व में नपा प्रशासन इन कूड़ों को शहर में विभिन्न स्थानों पर पाट रहा था। वर्तमान में शहर के अतलस पोखरा क्षेत्र में राजघाट के पास कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। कूड़े के इन ढेर लगी आग से उठ रहे धूंए कभी-कभी तो दम घोटू साबित होने लगे है। क्षेत्र के अखिलेश मौर्या, आशीष विश्वकर्मा, प्रवीण शर्मा, दिनेश सोनकर, मनीष वर्मा आदि का कहना है कि आबादी के बीच कूड़ा फेके जाने से गर्मी के मौसम में बीमारी फैलने का भी खतरा है। इसके बाद भी नपा प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं कई स्थानों पर नालियों का भी बुरा हाल है। कचड़े से पटी नालियों का पानी सड़क पर फैल कर बीमारियां फैला रहा है। योगी-मोदी का स्वच्छता अभियान पूरे नपा क्षेत्र में फेल नजर आ रहा है।
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