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समाज कल्याण अधिकारी को मिला स्टे, चर्चाओं पर लगा विराम

Fri, 02 Feb 2018 11:28 PM IST
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:28 PM IST
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समाज कल्याण अधिकारी को मिला स्टे, चर्चाओं पर लगा विराम
आजमगढ़। शासन के निर्देशों की अवहेलना और हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना में निलंबित समाज कल्याण अधिकारी हाईकोर्ट से ही राहत मिल गई है। अदालत ने उनके निलंबन पर स्टे आर्डर दे दिया है। गुरुवार से वो कार्यालय में कार्य भी कर रहे हैं। स्टे मिलने की पुष्टी कमिश्नर ने भी की है।लंगड़पुर स्थिति महादेवी बाल विद्यालय के साथ शिक्षकों धूधनाथ राम, रामकेर राम, बरखू राम, चंद्रभूषण, अशोक कुमार, महेंद्र राय, राजनाथ यादव का वेतन वर्ष 2005 में नियुक्ति को अनियमित बताते हुए स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्ट पर डायरेक्टर समाज कल्याण ने रोक दिया था। शिक्षक हाईकोर्ट चले गए थे। इन शिक्षकों का रुका वेतन जारी करने के निर्देश हाईकोर्ट ने दिए थे। आदेश के बाद भी वेतन जारी नहीं करने को अवमानना मामृनते हुए हाईकोर्ट ने डायरेक्टर समाज कल्याण मनोज सिंह को दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए एक सप्ताह के भीतर अगत कराने का निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने मामले में 20 जनवरी को समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह को निलंबित कर दिया था। 23 जनवरी को समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन की पुष्टी कमिश्नर ने की, लेकिन निलंबन संबंधी आदेश मिलने से जनपदीय अधिकारियों ने इंकार कर दिया था। इससे उहापोह की स्थिति बनी रही। इस बीच गुरुवार को समाज कल्याण अधिकारी ने कार्यालय में कार्य भी शुरू कर दिया। इस संबंध में कमिश्नर के रविंद्र नायक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने इनके निलंबन पर स्टे आर्डर जारी कर दिया है।
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