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सुप्रीमो की रैली और विधायक भी नहीं दिला पाए जीत

Sat, 02 Dec 2017 11:53 PM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:53 PM IST
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सुप्रीमो की रैली और विधायक भी नहीं दिला पाए जीत
आमजगढ़। निकाय चुनाव में जहां बसपा की झोली खाली रही, वहीं पांच निकायों में अध्यक्ष पद के उसके प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। अप े ही गढ़ में कुछ दिनों पहले हुई पार्टी सुप्रीमो की रैली और तीन विधायक भी जिले में बसपा को एक भी सीट नहीं दिल पाए। इससे लोकसभी चुनाव में जुटी बसपा की तैयारियों को करारा झटका है। हालांकि पाटीरढ पदाधिकारियों ने कहना है कि पांच सीटों पर हम दूसरे स्थान पर रहे हैं। शहर में ही सभी राजनीतिक दलों से आगे रहे हैं। आन वाले लोकसभा और अन्य चुनावों में भाजपा की मुकाबला बसपा ही करेगी।
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निकाय चुनाव से ठीक पहले मायावती ने आजमगढ़ में मडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में हुंकार भर कार्यकर्ताओं में जोश भरा था। आने वाले लोकसभा चुनावों के साथ ही निकाय चुनाव में पार्टी ऊप्रत्याशियों को जीत दिलाने की अपील की थी। आजमगढ़ शुरू से ही बसपा का गढ़ रहा है। विधानसभा चुनाव हो या अन्य पार्टी की झोली यहां एकदम खाली नहीं रही है। मौजूदा समय में भी जिले से बसपा के चार विधायक हैं। इसमें तीन विधायक सीधे-सीधे निकाय चुनाव से जुड़े हुए थे।
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आजाद अरिमर्दन लालगंज से विधायक हैं। यहां पर कटघर-लालगंज नगर पंचायत में बसपा उम्मीदवार गुलाब को मात्र 159 वोट ही मिल पाए। पांचवें स्थान पर रहते हुए वो अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। यहां से भाजपा प्रत्याशी विजय सोनकर ने निर्दल को हरा जीत हासिल की है। आजाद अरिमर्दन के पिता स्व. गांधी आजाद राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वो बसपा के फांउडर मेंबर थे। लगातार दूसरी बार बसपा से विधायक बने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली के विधानसभा में आने वाली मुबारकपुर नगरपालिका में बसपा की शबाना अंजुम 2125 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहकर अपनी जमान गवां चुकी हैं। यहां से सपा की करीमुनिशा ने जीत हासिल की है। दोनों ही निकायों में विधायकों ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में भरपूर मेहनत की थी। इसके बाद भी पार्टी प्रत्याशियों की दुर्दशा ने दोनों विधायकों की लोकप्रियता पर सवाल खड़े कर दिये हैं। साथ ही इस बात के भी संकेत दे दिए हैं कि आने वाले चुनावों में इसका क्या असर पड़ेगा।
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वहीं सगड़ी विधानसभा सीट से विधायक वंदना सिंह के क्षेत्रममें दो नगर पंचायतें अजमतगढ़ और जीयनपुर आती हैं। दोनों निकायों पर पार्टी के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। जीयनपुर में तो पार्टी को सीटिंग सीट गंवानी पड़ी है। यहां से पूर्व अध्यक्ष खुलमुल्ली गुप्ता को निर्दलीय प्रत्यासी ने पराजित किया है। हालांकि खुरमुल्ली गुप्ता ने प्रतिद्वंद्वी को टक्कर देते नजर आए। अजमतगढ़ में भी बसपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। यहां बसपा उम्मीदवार कुमार गौरव को निर्दल पारस ने 306 मतों से पराजित किया। दोनों ही निकायों में पार्टी प्रत्याशी ने विधायक वंदना सिंह के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
वहीं, अतरौलिया में बसपा प्रत्याशी राम चंदर जायवाल दूसरे, मेहनगर में भी बसपा प्रत्याशी भरत राम दूसरे स्थान पर रहे। सरायमीर, निजामाबाद, बिलरियागंज, फूलपुर, माहुल में बसपा की हालत काफी खराब रही है। यहां उनकी जमानत जब्त हो गई है। आजमगढ़ पालकिा में भी बसपा प्रत्याशी सुधीर सिंह पपलू तीसरे स्थान पर रहे। उनकी जमानत तो जब्त हुई, लेकिन राजनीति दलों में वो सबसे अच्छे लड़े। निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की इस स्थिति ने विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के लिए खतरे की घंटे बजा दी है।

लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर
आजमगढ़। निकाय चुनाव पार्टी की स्थिति का असर लोकसभा चुनावों में भी पड़ेगा। विधानसभा में पार्टी को प्रदेश में करारी हार मिली थी। इसके बाद भी जिले में पार्टी को चार विधायक मिले थे। ये जिले में बसपा के जुड़ाव को स्पष्ट करता है। लेकिन निकाय चुनाव में पार्टी की झोली खाली रहना दूसरी तरफ इशारा कर रहा है। पिछली रैली से मायावती ने दलित-मुस्लिम गठजोड़ की ओर इशारा किया था, लेकिन निकाय चुनासवों में पार्टी को इसका भी फायदा होता नजर नहीं आ रहा है।

प्रत्याशी चयन बना कारण
लाटघाट। जीयनपुर और अजमतगढ़ में टिकट बंटवारे को भी कारण बताया जा रहा है। अजमतगढ़ में टिकट बंटवारे को लेकर मतदाताओं में आक्रोश देखने को मिला था। आजमगढ़ में निर्दल चुनाव जीतने वाली शीला श्रीवास्तव भी बसपा से टिकट के लिए दावेदार थीं, लेकिन पार्टी की ओर से सुधीर सिंह पपलू को टिकट दिया गया। शीला निर्दल चुनाव जीत गईं।


सुप्रीमो की रैली निकाय चुनाव के संबंध में नहीं थी। जनादेश का स्वागत है। पांच सीटों पर बसपा दूसरे स्थान पर रही है। कम अंतर से चुनाव हारी है। प्रदेश में ज्यादातर निकायों में भाजपा का सामना बसपा ने ही किया है। आजमगढ़ में भी पार्टी सभी दलों से ज्यादा वोट पाई है। प्रदेश में भाजपा का मुकाबला बसपा ही करेगी। लोकसभा चुनाव में हमें इसका फायदा मिलेगा।
सुनील भारती, बसपा जिलाध्यक्ष

निकाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। कई सीटों पर हम कम अंतर से चुनाव हारे हैं। पूरे प्रदेश में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है।
करुणाकांत मौर्य, जोन इंचार्ज
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