{"_id":"5bc4dbf8bdec226956571988","slug":"171539628024-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के सात राइस मिलर होंगे ब्लैक लिस्टेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के सात राइस मिलर होंगे ब्लैक लिस्टेड
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। पिछले वर्ष हुई धान की खरीद के बाद जिले की कुल 23 राइस मिलों को कुटाई के लिए धान उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 16 राइस मिलरों ने धान की कुटाई के बाद चावल सरकार को वापस कर दिया लेकिन सात मिलर ऐसे हैं, जिन्होंने चावल की वापसी नहीं की। इन पर कुल 405 टन चावल बकाया है। विभाग की ओर से इन्हें ब्लैक लिस्टेड करते हुए आरसी जारी कर वसूली करने और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
पिछले साल धान खरीद के लिए जनपद को 98600 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए जनपद में कुल 63 क्रय केंद्र बनाए गए थे। जिले में कुल 58729 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। क्रय किए धान की कुटाई के लिए जिले के 23 राइस मिलरों को धान आवंटित किया गया। इसमें 16 राइस मिलर ऐसे थे, जिन्होंने कुटाई के बाद चावल को सरकार के खाते में जमा कर दिया लेकिन सात राइस मिलर ऐसे थे जिनके पास सरकार का 405 टन चावल था। उन्होंने सरकार को चावल को कुटाई के बाद वापस नहीं किया। शासन के निर्देश पर विभाग अब इन मिलरों को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी में जुटा है। इन मिलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। वहीं, इस बार शासन की ओर से जिले को कुल 62300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 36300 मीट्रिक टन कम है। धान खरीद के लिए जनपद में इस बार कुल 52 केंद्र बनाए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुुलना में 11 कम हैं।
गाटों के सत्यापन में 3300 निरस्त
आजमगढ़। जनपद में धान की बिक्री के लिए अब तक 7176 किसानों ने पंजीकरण कराया है। विभाग को कुल 47091 गाटों का सत्यापन करना है। जिसके सापेक्ष अब तक कुल 31918 गाटों का सत्यापन हो चुका है। इसमें 3300 गाटों को सत्यापन के दौरान निरस्त किया जा चुका है। 11873 गाटों का सत्यापन होना शेष है।
विज्ञापन
शासन की ओर से जिले में धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित हो चुका है। क्रय केंद्र भी निर्धारित हो चुके हैं। गाटों के सत्यापन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिन सात मिलरों ने पिछले वर्ष लिए गए धान की कुटाई के बाद चावल वापस नहीं किया है। उन्हें ब्लैक लिस्टेड करते हुए एजेंसी के जरिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। किसानों से अनुरोध है कि वह धान की बिक्री के लिए अपना पंजीकरण करा लें। - आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
पिछले साल धान खरीद के लिए जनपद को 98600 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए जनपद में कुल 63 क्रय केंद्र बनाए गए थे। जिले में कुल 58729 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। क्रय किए धान की कुटाई के लिए जिले के 23 राइस मिलरों को धान आवंटित किया गया। इसमें 16 राइस मिलर ऐसे थे, जिन्होंने कुटाई के बाद चावल को सरकार के खाते में जमा कर दिया लेकिन सात राइस मिलर ऐसे थे जिनके पास सरकार का 405 टन चावल था। उन्होंने सरकार को चावल को कुटाई के बाद वापस नहीं किया। शासन के निर्देश पर विभाग अब इन मिलरों को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी में जुटा है। इन मिलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। वहीं, इस बार शासन की ओर से जिले को कुल 62300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 36300 मीट्रिक टन कम है। धान खरीद के लिए जनपद में इस बार कुल 52 केंद्र बनाए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुुलना में 11 कम हैं।
विज्ञापन
गाटों के सत्यापन में 3300 निरस्त
आजमगढ़। जनपद में धान की बिक्री के लिए अब तक 7176 किसानों ने पंजीकरण कराया है। विभाग को कुल 47091 गाटों का सत्यापन करना है। जिसके सापेक्ष अब तक कुल 31918 गाटों का सत्यापन हो चुका है। इसमें 3300 गाटों को सत्यापन के दौरान निरस्त किया जा चुका है। 11873 गाटों का सत्यापन होना शेष है।
विज्ञापन
शासन की ओर से जिले में धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित हो चुका है। क्रय केंद्र भी निर्धारित हो चुके हैं। गाटों के सत्यापन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिन सात मिलरों ने पिछले वर्ष लिए गए धान की कुटाई के बाद चावल वापस नहीं किया है। उन्हें ब्लैक लिस्टेड करते हुए एजेंसी के जरिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और आरसी जारी कर वसूली की जाएगी। किसानों से अनुरोध है कि वह धान की बिक्री के लिए अपना पंजीकरण करा लें। - आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ