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एक हजार मानदेय, वो भी पांच माह से बकाया
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:32 AM IST
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जहानागंज। शासन की एमडीएम योजना के तहत भोजन पकाने के लिए परिषदीय और एडेड विद्यालयों पर रसोइयों की तैनाती है। जिन्हें मात्र एक हजार रुपये प्रति माह का मानदेय मिलता है। वो भी बीते पांच माह से बकाया है। जिसके चलते रसोइयां अब एमडीएम योजना को ठप करने की रणनीति बनाने लगी है। जिले में कुल 3564 विद्यालयों पर एमडीएम का भोजन बनाया जाता है। इसके लिए कुल 9598 रसोईयों की तैनाती की गई है। इन रसोईयों का लगभग पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। एक तो इन्हें मात्र एक हजार रुपये का मानदेय मिलता है वह भी समय से न मिलने से रसोइयों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गई है। कुछ ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि अब वे एमडीएम योजना के तहत भोजन बनाने के कार्य को ठप करने की योजना बना रही है। क्योंकि एक हजार रुपये के मानदेय का भी समय से भुगतान विभाग नहीं करता है। जिले में तैनात रसोइयों में कुछ को जनवरी 2018 तक तो कुछ को फरवरी 2018 तक के मानदेय का भुगतान हुआ है। उसके बाद से मानदेय का भुगतान ठप पड़ा है।
जिन रसोइयों को जनवरी तक का मानदेय मिला है, उनका तीन माह का और जिनका फरवरी तक का मानदेय मिला है उनका दो माह का मानदेय बन गया है। चेक ट्रेजरी में लगा हुआ है, जल्द ही मानदेय की धनराशि रसोइयों के खाते में चली जायेगी।
अंजनी सिन्हा, एमडीएम समन्वयक, आजमगढ़।
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जिन रसोइयों को जनवरी तक का मानदेय मिला है, उनका तीन माह का और जिनका फरवरी तक का मानदेय मिला है उनका दो माह का मानदेय बन गया है। चेक ट्रेजरी में लगा हुआ है, जल्द ही मानदेय की धनराशि रसोइयों के खाते में चली जायेगी।
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अंजनी सिन्हा, एमडीएम समन्वयक, आजमगढ़।