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कमिश्नर के आदेश पर भी नहीं हो पाई एफआईआर
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। फर्जी नियुक्ति के आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारी को कोर्ट के आदेश के बाद भी वेतन का भुगतान किये जाने के मामले में मंडलायुक्त ने लेखाधिकारी बेसिक के खिलाफ एफआईआर का निर्देश दिया था। यह आदेश एडी बेसिक को दिया गया था और सात दिन में आख्या देने को कहा गया था। आदेश को 12 दिने से अधिक का समय बीत गया और एडी बेसिक की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में राना प्रताप सिंह पुत्र सूर्यनाथ सिंह की 1993 में फर्जी नियुक्ति हुई थी। इस नियुक्ति का मामला 2012 में हाईकोर्ट पहुंचा तो वहां से भी यह नियुक्ति अवैध घोषित कर दी गई। हाईकोर्ट के आदेश को भी लेखाधिकारी कार्यालय ने दबा कर रखा और 2012 से 2017 तक राना प्रताप पूर्व की भांति कार्य करते हुए वेतन का भी आहरण करते रहे। इस पर पुन: हाईकोर्ट मामला पहुंचा तो कोर्ट ने छह फरवरी 2018 को नियुक्ति को पुन: अवैध करार दिया। इसकी शिकायत जब कमिश्नर से हुई तो उन्होंने 28 फरवरी को ही एडी बेसिक योगेंद्र सिंह को लेखाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराये। साथ ही फर्जी कर्मचारी को वेतन के मद में हुए भुगतान की धनराशि लेखाधिकारी से वसूल करने का निर्देश दिया। सात दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। 12 दिन का समय बीत जाने के बाद भी एडी बेसिक की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
कमिश्नर का आदेश मिला है। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। जैसा भी कमिश्नर के आदेश में है, उसके अनुरूप कुछ न कुछ तो कार्रवाई जल्द की जाएगी। -योगेंद्र सिंह, एडी बेसिक, आजमगढ़ मंडल।
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बेसिक शिक्षा विभाग में राना प्रताप सिंह पुत्र सूर्यनाथ सिंह की 1993 में फर्जी नियुक्ति हुई थी। इस नियुक्ति का मामला 2012 में हाईकोर्ट पहुंचा तो वहां से भी यह नियुक्ति अवैध घोषित कर दी गई। हाईकोर्ट के आदेश को भी लेखाधिकारी कार्यालय ने दबा कर रखा और 2012 से 2017 तक राना प्रताप पूर्व की भांति कार्य करते हुए वेतन का भी आहरण करते रहे। इस पर पुन: हाईकोर्ट मामला पहुंचा तो कोर्ट ने छह फरवरी 2018 को नियुक्ति को पुन: अवैध करार दिया। इसकी शिकायत जब कमिश्नर से हुई तो उन्होंने 28 फरवरी को ही एडी बेसिक योगेंद्र सिंह को लेखाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराये। साथ ही फर्जी कर्मचारी को वेतन के मद में हुए भुगतान की धनराशि लेखाधिकारी से वसूल करने का निर्देश दिया। सात दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। 12 दिन का समय बीत जाने के बाद भी एडी बेसिक की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कमिश्नर का आदेश मिला है। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। जैसा भी कमिश्नर के आदेश में है, उसके अनुरूप कुछ न कुछ तो कार्रवाई जल्द की जाएगी। -योगेंद्र सिंह, एडी बेसिक, आजमगढ़ मंडल।
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