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धूप निकलने पर मिली ठंड से थोड़ी राहत
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:37 PM IST
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आजमगढ़। जनपद में विगत कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से नए साल के पहले दिन भी राहत नहीं मिली। हालांकि धूप तो हुई लेकिन धूप में तीखापन न होने के कारण शरीर को गलन से राहत नहीं मिल सकी। धूप के साथ चल रही पछुआ हवाओं ने शाम को गलन में और इजाफा कर दिया।
कई दिनों से जनपद को अपने आगोश में समेटे कोहरे का असर सोमवार को नहीं देखने को मिला। लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। हालांकि 11 बजे के बाद धूप निकली लेकिन धूप में गर्मी नहीं थी। पूरे दिन सूर्य बादलों से आंख मिचौली खेलता रहा। जब सूर्य बादलों में ढका तो गलन काफी बढ़ गई लेकिन जैसे ही सूर्य बादलों की ओट से आया शरीर को राहत मिली। लोग धूप में खड़े होकर शरीर को गर्म करते नजर आए। धूप के साथ चल रही पछुआ हवाओं के कारण गलन में कोई कमी नहीं आई। शाम को चार बजते ही जैसे ही सूर्य ढलान पर आया गलन बढ़नी शुरू हो गई। जो शाम तक इतनी ज्यादा हो गई कि हर कोई घरों में दुबकने को विवश हो गया। स्कूलों में अवकाश होने के कारण छोटे बच्चों की छुट्टी थी। लेकिन जैसे ही धूप निकली बच्चे बैट-बाल आदि लेकर खेलने के लिए मैदान में उतर गए। कई दिनों बाद घरों से बाहर निकले बच्चे जमकर धूप का आनंद लिया। शाम होते ही बच्चे फिर घरों में दुबक गए।
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कई दिनों से जनपद को अपने आगोश में समेटे कोहरे का असर सोमवार को नहीं देखने को मिला। लेकिन गलन में कोई कमी नहीं आई। हालांकि 11 बजे के बाद धूप निकली लेकिन धूप में गर्मी नहीं थी। पूरे दिन सूर्य बादलों से आंख मिचौली खेलता रहा। जब सूर्य बादलों में ढका तो गलन काफी बढ़ गई लेकिन जैसे ही सूर्य बादलों की ओट से आया शरीर को राहत मिली। लोग धूप में खड़े होकर शरीर को गर्म करते नजर आए। धूप के साथ चल रही पछुआ हवाओं के कारण गलन में कोई कमी नहीं आई। शाम को चार बजते ही जैसे ही सूर्य ढलान पर आया गलन बढ़नी शुरू हो गई। जो शाम तक इतनी ज्यादा हो गई कि हर कोई घरों में दुबकने को विवश हो गया। स्कूलों में अवकाश होने के कारण छोटे बच्चों की छुट्टी थी। लेकिन जैसे ही धूप निकली बच्चे बैट-बाल आदि लेकर खेलने के लिए मैदान में उतर गए। कई दिनों बाद घरों से बाहर निकले बच्चे जमकर धूप का आनंद लिया। शाम होते ही बच्चे फिर घरों में दुबक गए।
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