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सीता हरण, राम-सेवरी संवाद मंचन ने मनमोहा
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:43 PM IST
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आजमगढ़। पुरानी कोतवाली में चल रही श्री रामलीला में मंगलवार की रात कलाकारों ने सीता हरण, राम-सेवरी संवाद का जीवंत मंचन कर दर्शकों का मनमोह लिया। वहीं राम-सुग्रीव मित्रता के दौरान लगाए जा रहे जय श्री राम के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इसी क्रम में बालि वध के मंचन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
श्रीरामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम की आरती से हुआ। वहीं मंचन के क्रम में नाक काटे जाने के बाद सूपनखा अपने भाई रावण के दरबार में पहुंचती है। जहां सारी कहानी बताती है। इस पर रावण आग-बबूला हो जाता है। रावण साधु का वेष धारण कर कुटी पर पहुंचता है और सीता जी का हरण कर ले जाता है। इस दौरान रावण और जटायू का युद्ध होता है। लेकिन रावण जटायू को घायल कर सीता जी को लंका लेकर जला जाता है। उधर राम और लक्ष्मण जब कुटी पहुंचते हैं तो सीता जी को वहां न पाकर परेशान हो जाते हैं। दोनों भाई सीता जी की खोज में वन में इधर-उधर भटकते हुए सवरी की कुटी पर पहुंचते हैं। श्रीराम को देखते ही सवरी खुशी से झूम उठती है। उन्हें कुटी में ले जाकर आदर-सत्कार करती है। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रीराम सेवरी संवाद ने सभी का मनमोह लिया। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव मित्रता का कलाकारों ने मंचन किया। बालि वध के मंचन के दौरान बालि और सुग्रीव युद्ध ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। श्रीराम द्वारा बालि का वध किए जाने के साथ पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंजने लगा।
कहीं राम वनगमन तो कहीं धनुष यज्ञ का हुआ मंचन
आजमगढ़। जनपद में दशहरे के दौरान पारंपरिक रामलीला का आयोजन जगह-जगह किया जाता है। जगह-जगह आयोजित रामलीला में कहीं राम वनगमन तो कहीं धनुष यज्ञ वृतांत का वर्णन किया गया। जिसमें कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
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निजामाबाद संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत के फरहाबाद मोहल्ले में चल रही रामलीला में मंगलवार को पांचवें दिन राम केवट संवाद का मंचन किया गया। जिसमें दर्शाया गया कि जब वन जाते समय प्रभु श्रीराम गंगा नदी पर पहुंचते हैं तो केवट उन्हें नाव में बिठाने से मना कर देता है ओर कहता है कि जब तक आप पांव नहीं धुलवाते हैं तब तक मैं आपको नाव में नहीं बिठाऊंगा। केवट राम का पैर धुलने बाद उन्हें नाव में बिठाकर पार उतारता है। इस मौके पर अध्यक्ष पंडित कृपाशंकर मिश्रा, डा. सुदर्शन मिश्रा, शरद मिश्रा, संतोष मिश्रा, मतन प्रजापति, फत्तन प्रजापति, विलास प्रजापति, चंदीप, संजय मिश्रा आदि उपस्थित थे। अंबारी संवाददाता के अनुुसार फूलपुर तहसील के ओरिल बाजार में आयोजित रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार को कलाकारों ने राम वनवास का बड़ा मार्मिक मंचन किया। राजतिलक की तैयारी में जुटे नगरवासियों को जब राम के वन जाने की सूचना मिलती है तो सारे नगरवासी व्याकुल हो जाते हैं। राजा दशरथ सहित गुरू वशिष्ठ भी कैकेई को जिद छोड़ने की बात कहते हैं। लेकिन जब वह नहीं मानती है तो क्रोध में ऋषि उसे श्राम देते हैं हैं कि कोई भी अपनी बेटी का नाम कैकेई नहीं रखेगा। कैकेई नाम को लोग अशुभ मानेंगे। सगड़ी संवादददाता के अनुसार नगर पंचायत जीयनपुर में आयोजित रामलीला में मंगलवार की रात राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन का मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार चौरसिया, जीत बहादुर लाल श्रीवास्तव, जय रत्न त्रिपाठी, ओमप्रकाश मोदनवाल, राजवंत सिंह, रमेश चौरसिया आदि उपस्थित थे। वहीं सगड़ी तहसील के रामगढ़ इसरापार की रामलीला में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन हुआ। जिसमें कलाकारों ने धनुष का टूटने के बाद राम और परशुराम संवाद का मंचन किया।इस मोके पर अशोक बारी, हरिनाथ, मोनू दुबे, राजेश कुमार, संजीव सिंह, रविशंकर आदि उपस्थित थे।
बच्चों ने किया रामलीला का मंचन
लालगंज । कस्बा स्थित विद्यालय सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में बुधवार को दशहरा अवकाश से पूर्व विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष प्रार्थना सभा के माध्यम से नन्हे बच्चों ने श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, रावण आदि विविध रूपों में अपनी प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान से नर्सरी से दूसरी तक के बच्चों ने श्रीरामलीला का सफल मंचन किया। वहीं कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों ने डांडिया नृत्य से लोगों का दिल जीत लिया। प्रबंधक सुशांत चंद्रा ने बच्चों के प्रयास की सराहना की। प्रधानाचार्य सूरज वर्मा ने सभी को दशहरा की बधाई दी। अंत में कोऑर्डिनेटर चितरंजन नायक और पीयू आलम ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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श्रीरामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम की आरती से हुआ। वहीं मंचन के क्रम में नाक काटे जाने के बाद सूपनखा अपने भाई रावण के दरबार में पहुंचती है। जहां सारी कहानी बताती है। इस पर रावण आग-बबूला हो जाता है। रावण साधु का वेष धारण कर कुटी पर पहुंचता है और सीता जी का हरण कर ले जाता है। इस दौरान रावण और जटायू का युद्ध होता है। लेकिन रावण जटायू को घायल कर सीता जी को लंका लेकर जला जाता है। उधर राम और लक्ष्मण जब कुटी पहुंचते हैं तो सीता जी को वहां न पाकर परेशान हो जाते हैं। दोनों भाई सीता जी की खोज में वन में इधर-उधर भटकते हुए सवरी की कुटी पर पहुंचते हैं। श्रीराम को देखते ही सवरी खुशी से झूम उठती है। उन्हें कुटी में ले जाकर आदर-सत्कार करती है। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रीराम सेवरी संवाद ने सभी का मनमोह लिया। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव मित्रता का कलाकारों ने मंचन किया। बालि वध के मंचन के दौरान बालि और सुग्रीव युद्ध ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। श्रीराम द्वारा बालि का वध किए जाने के साथ पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारे से गूंजने लगा।
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कहीं राम वनगमन तो कहीं धनुष यज्ञ का हुआ मंचन
आजमगढ़। जनपद में दशहरे के दौरान पारंपरिक रामलीला का आयोजन जगह-जगह किया जाता है। जगह-जगह आयोजित रामलीला में कहीं राम वनगमन तो कहीं धनुष यज्ञ वृतांत का वर्णन किया गया। जिसमें कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
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निजामाबाद संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत के फरहाबाद मोहल्ले में चल रही रामलीला में मंगलवार को पांचवें दिन राम केवट संवाद का मंचन किया गया। जिसमें दर्शाया गया कि जब वन जाते समय प्रभु श्रीराम गंगा नदी पर पहुंचते हैं तो केवट उन्हें नाव में बिठाने से मना कर देता है ओर कहता है कि जब तक आप पांव नहीं धुलवाते हैं तब तक मैं आपको नाव में नहीं बिठाऊंगा। केवट राम का पैर धुलने बाद उन्हें नाव में बिठाकर पार उतारता है। इस मौके पर अध्यक्ष पंडित कृपाशंकर मिश्रा, डा. सुदर्शन मिश्रा, शरद मिश्रा, संतोष मिश्रा, मतन प्रजापति, फत्तन प्रजापति, विलास प्रजापति, चंदीप, संजय मिश्रा आदि उपस्थित थे। अंबारी संवाददाता के अनुुसार फूलपुर तहसील के ओरिल बाजार में आयोजित रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार को कलाकारों ने राम वनवास का बड़ा मार्मिक मंचन किया। राजतिलक की तैयारी में जुटे नगरवासियों को जब राम के वन जाने की सूचना मिलती है तो सारे नगरवासी व्याकुल हो जाते हैं। राजा दशरथ सहित गुरू वशिष्ठ भी कैकेई को जिद छोड़ने की बात कहते हैं। लेकिन जब वह नहीं मानती है तो क्रोध में ऋषि उसे श्राम देते हैं हैं कि कोई भी अपनी बेटी का नाम कैकेई नहीं रखेगा। कैकेई नाम को लोग अशुभ मानेंगे। सगड़ी संवादददाता के अनुसार नगर पंचायत जीयनपुर में आयोजित रामलीला में मंगलवार की रात राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन का मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार चौरसिया, जीत बहादुर लाल श्रीवास्तव, जय रत्न त्रिपाठी, ओमप्रकाश मोदनवाल, राजवंत सिंह, रमेश चौरसिया आदि उपस्थित थे। वहीं सगड़ी तहसील के रामगढ़ इसरापार की रामलीला में धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन हुआ। जिसमें कलाकारों ने धनुष का टूटने के बाद राम और परशुराम संवाद का मंचन किया।इस मोके पर अशोक बारी, हरिनाथ, मोनू दुबे, राजेश कुमार, संजीव सिंह, रविशंकर आदि उपस्थित थे।
बच्चों ने किया रामलीला का मंचन
लालगंज । कस्बा स्थित विद्यालय सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में बुधवार को दशहरा अवकाश से पूर्व विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष प्रार्थना सभा के माध्यम से नन्हे बच्चों ने श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, रावण आदि विविध रूपों में अपनी प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान से नर्सरी से दूसरी तक के बच्चों ने श्रीरामलीला का सफल मंचन किया। वहीं कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों ने डांडिया नृत्य से लोगों का दिल जीत लिया। प्रबंधक सुशांत चंद्रा ने बच्चों के प्रयास की सराहना की। प्रधानाचार्य सूरज वर्मा ने सभी को दशहरा की बधाई दी। अंत में कोऑर्डिनेटर चितरंजन नायक और पीयू आलम ने सभी का आभार व्यक्त किया।