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परिवहन सुविधा से अछूता है ब्लैक पाटरी का केंद्र
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:08 AM IST
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निजामाबाद। जिले का निजामाबाद क्षेत्र अपने ब्लैक पॉटरी कला के लिए विश्वविख्यात है। इसके बाद भी इस क्षेत्र को अब तक सरकारी परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्राइवेट वाहन चालकों द्वारा यात्रियों का जमकर उत्पीड़न किया जाता है।
निजामाबाद कस्बा ब्लैक पॉटरी कला के अलावा मां शीतला के धाम, महाकवि हरिऔध की जन्मस्थली और कई ऋषि मुनियों की तपोस्थली होने के कारण विख्यात है। इसी कस्बे में सिखों का गुरु द्वारा चरण पादुका साहिब भी स्थित है, जहां प्रतिवर्ष होने वाले सालाना जोड़ मेले में सिख समुदाय के लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। क्षेत्र की इतनी महत्ता के बाद भी इसे अब तक किसी भी सरकार ने इन्हें परिहवन सुविधा से जोड़ने की कवायद नहीं की। लोगों का कहना है कि सरकारी परिवहन सुविधा न होने से विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला बड़े उद्योग का रूप नहीं ले सकी है। वहीं हर छोटे-बड़े व्यापारी कस्बे से रोडवेज बस का संचालन न होने से परेशान है। नगर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष संजय सोनी का कहना है कि कस्बे का विकास परिवहन सुविधा के न होने के चलते ही नहीं हो पा रहा है। स्थानीय निवासी संजय गुप्ता, डॉ. सुदर्शन, बद्री, रामावत, संतोष गोंड, विजय, बृजेश यादव आदि का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक किसी ने भी समस्या की सुध नहीं ली।
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वाराणसी, कानपुर और दिल्ली के लिए चले बस
निजामबाद। निजामाबाद कस्बे में ब्लैक पॉटरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कानपुर, वाराणसी और दिल्ली के लिए कस्बे से ही बसों का संचालन किया जाना अत्यंत जरूरी है। यदि कस्बे से बस संचालित होने लगे तो ब्लैक पॉटरी के शिल्पकारों को अपने मिट्टी के बर्तन और कलाकृतियों को देश के कोने-कोने में पहुंचाने में आसानी होगी। जब माल बाजार में पहुंचने लगेगा तो निश्चित तौर पर क्षेत्र का विकास होगा और कारीगरों को अपनी कला की बेहतर कीमत मिलेगी।
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निजामाबाद कस्बा ब्लैक पॉटरी कला के अलावा मां शीतला के धाम, महाकवि हरिऔध की जन्मस्थली और कई ऋषि मुनियों की तपोस्थली होने के कारण विख्यात है। इसी कस्बे में सिखों का गुरु द्वारा चरण पादुका साहिब भी स्थित है, जहां प्रतिवर्ष होने वाले सालाना जोड़ मेले में सिख समुदाय के लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। क्षेत्र की इतनी महत्ता के बाद भी इसे अब तक किसी भी सरकार ने इन्हें परिहवन सुविधा से जोड़ने की कवायद नहीं की। लोगों का कहना है कि सरकारी परिवहन सुविधा न होने से विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला बड़े उद्योग का रूप नहीं ले सकी है। वहीं हर छोटे-बड़े व्यापारी कस्बे से रोडवेज बस का संचालन न होने से परेशान है। नगर व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष संजय सोनी का कहना है कि कस्बे का विकास परिवहन सुविधा के न होने के चलते ही नहीं हो पा रहा है। स्थानीय निवासी संजय गुप्ता, डॉ. सुदर्शन, बद्री, रामावत, संतोष गोंड, विजय, बृजेश यादव आदि का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक किसी ने भी समस्या की सुध नहीं ली।
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वाराणसी, कानपुर और दिल्ली के लिए चले बस
निजामबाद। निजामाबाद कस्बे में ब्लैक पॉटरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कानपुर, वाराणसी और दिल्ली के लिए कस्बे से ही बसों का संचालन किया जाना अत्यंत जरूरी है। यदि कस्बे से बस संचालित होने लगे तो ब्लैक पॉटरी के शिल्पकारों को अपने मिट्टी के बर्तन और कलाकृतियों को देश के कोने-कोने में पहुंचाने में आसानी होगी। जब माल बाजार में पहुंचने लगेगा तो निश्चित तौर पर क्षेत्र का विकास होगा और कारीगरों को अपनी कला की बेहतर कीमत मिलेगी।
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