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जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक दिया प्रशिक्षण
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:07 AM IST
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विकास संस्थान द्वारा जौनपुर और आजमगढ़ के अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को लाभान्वित करने के लिए किसान संगोष्ठी का आयोजन रविवार को किया गया। जिसमें फूलपुर, पवई और आजमगढ़ के 150 किसानों को जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक बनाए जाने का प्रशिक्षण दिया गया।
संगोष्ठी में परियोजना के सह संचालक डा. दुर्गेश कुमार जायसवाल ने किसानों को जैविक खाद के उपयोग करने से होने वाले लाभ की जानकारी दी और समय-समय पर मिट्टी की जांच कराए जाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मिट्टी के नमून प्रयोगशाला में भेजें। इससे मिट्टी में किस तत्व की कमी है उसका पता चल जाएगा। इस अवसर पर किसानों को निशुल्क जैव उर्वरक के घोल और पैकेट वितरित किए गए। इस दौरान किसानों को जैव उर्वरक को घर पर बनाए जाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने बताया कि जैविक उर्वरक का प्रयोग करने से गेहूं, धान, चना, अरहर, मक्का का उत्पादन बढ़ जाता है। वहीं रासायनिक खाद और कीटनाशकों से उत्पादित अन्न का प्रयोग करने से तरह-तरह की बीमारियां पैदा होती हैं, जबकि जैविक उर्वरक का प्रयोग उसे पूरी तरह से स्वस्थ बनाता है। संगोष्ठी में सुरेश राम उजागिर यादव, मोती लाल, रामकीरत , इंद्रजीत, बंशू राम, अच्छे लालज, हरीलाल, रामसिंह, जगदीश, रामजीत सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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संगोष्ठी में परियोजना के सह संचालक डा. दुर्गेश कुमार जायसवाल ने किसानों को जैविक खाद के उपयोग करने से होने वाले लाभ की जानकारी दी और समय-समय पर मिट्टी की जांच कराए जाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मिट्टी के नमून प्रयोगशाला में भेजें। इससे मिट्टी में किस तत्व की कमी है उसका पता चल जाएगा। इस अवसर पर किसानों को निशुल्क जैव उर्वरक के घोल और पैकेट वितरित किए गए। इस दौरान किसानों को जैव उर्वरक को घर पर बनाए जाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने बताया कि जैविक उर्वरक का प्रयोग करने से गेहूं, धान, चना, अरहर, मक्का का उत्पादन बढ़ जाता है। वहीं रासायनिक खाद और कीटनाशकों से उत्पादित अन्न का प्रयोग करने से तरह-तरह की बीमारियां पैदा होती हैं, जबकि जैविक उर्वरक का प्रयोग उसे पूरी तरह से स्वस्थ बनाता है। संगोष्ठी में सुरेश राम उजागिर यादव, मोती लाल, रामकीरत , इंद्रजीत, बंशू राम, अच्छे लालज, हरीलाल, रामसिंह, जगदीश, रामजीत सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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