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वनवासियों के नायक थे विरसा मुंडा
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:54 PM IST
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आजमगढ़। भारतीय आदिवासी वनवासी कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को डा.भीमराव अंबेडकर पार्क दलित आंदोलन के क्रांति नायक विरसा मुंडा की 142वीं जयंती गई। लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते मुसहर अधिकार आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि हरीराम वनवासी ने कहा कि विदेशियों द्वारा वनवासी क्षेत्रों की भूमि हड़पे जाने से बचाने और बढ़ते हुए अंग्रेजियत के प्रभाव को रोकने के लिए विरसा मुंडा का उदय हुआ। उन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लडने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि विरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 में राची जिले के खूटी प्रखंड स्थित उल्लिहातु में हुआ था। कार्यक्रम में गरीब आजाद, हरेंद्र प्रसाद, हरिश्चंद्र, श्याम लाल, लौटन राम, बबलू, पतिराम, नंदलाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शोभा वनवासी ने किया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते मुसहर अधिकार आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि हरीराम वनवासी ने कहा कि विदेशियों द्वारा वनवासी क्षेत्रों की भूमि हड़पे जाने से बचाने और बढ़ते हुए अंग्रेजियत के प्रभाव को रोकने के लिए विरसा मुंडा का उदय हुआ। उन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लडने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि विरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 में राची जिले के खूटी प्रखंड स्थित उल्लिहातु में हुआ था। कार्यक्रम में गरीब आजाद, हरेंद्र प्रसाद, हरिश्चंद्र, श्याम लाल, लौटन राम, बबलू, पतिराम, नंदलाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शोभा वनवासी ने किया।
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