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अब सीएम के निशाने पर मार्टीनगंज तहसील भवन का निर्माण
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आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्माणाधीन मार्टीनंगज तहसील भवन को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों पर भी सख्त दिखे। उन्होंने डीएम को इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही कमियां मिलने पर दोषियों को जेल भेजने को कहा। इसके साथ ही 50 लाख से ज्यादा लंबित परियोजनाओं को अभियान चलाकर पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
मार्टीनगंज में तहसील भवन का निर्माण कार्य वर्ष 20165-17 से ही चल रहा है। इसमें आवासीय भवन निर्माण का कार्य पैक्सफेड तीन करोड़ से ज्यादा की लागत से कर रहा है। वहीं लैक्फेड अनावासीय भवन का निर्माण 2.40 करोड़ की लागत से कर रहा है। शुरुआत से ही निर्माण को लेकर अंगुली उठ रही है। गतवर्ष तत्कालीन एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने शिकायत पर इसकी जांच भी की थी। हल्के धक्के में ही ईंट उखड़ती मिली थी। उन्होंने इसकी जांच के लिए मलबा सुल्तानपुर प्रयोगशाला भिजवाया था। प्रयोगशाला ने मलबे की मात्रा कम होने का हवाला देकर इसे लौटा दिया था। इसके बाद फिर से मलबा भेजकर जांच कराई गई, लेकिन मामले को गोलमोल कर दिया गया। इस दौरान दोनों ही कार्यदायी संस्थाओं ने निर्माण की लागत बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भी डीएम के सामने पेश कर दिया। इसकी जांच डीएम की ओर से गठित कमेटी की ओर से की जा रही है।तहसील भवन के निर्माण में गोलमाल की शिकायत अब मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है। रविवार को समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने डीएम को इसकी प्रभावी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सीधे जेल भेजा जाए।
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मार्टीनगंज में तहसील भवन का निर्माण कार्य वर्ष 20165-17 से ही चल रहा है। इसमें आवासीय भवन निर्माण का कार्य पैक्सफेड तीन करोड़ से ज्यादा की लागत से कर रहा है। वहीं लैक्फेड अनावासीय भवन का निर्माण 2.40 करोड़ की लागत से कर रहा है। शुरुआत से ही निर्माण को लेकर अंगुली उठ रही है। गतवर्ष तत्कालीन एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने शिकायत पर इसकी जांच भी की थी। हल्के धक्के में ही ईंट उखड़ती मिली थी। उन्होंने इसकी जांच के लिए मलबा सुल्तानपुर प्रयोगशाला भिजवाया था। प्रयोगशाला ने मलबे की मात्रा कम होने का हवाला देकर इसे लौटा दिया था। इसके बाद फिर से मलबा भेजकर जांच कराई गई, लेकिन मामले को गोलमोल कर दिया गया। इस दौरान दोनों ही कार्यदायी संस्थाओं ने निर्माण की लागत बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भी डीएम के सामने पेश कर दिया। इसकी जांच डीएम की ओर से गठित कमेटी की ओर से की जा रही है।तहसील भवन के निर्माण में गोलमाल की शिकायत अब मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है। रविवार को समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने डीएम को इसकी प्रभावी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सीधे जेल भेजा जाए।
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