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आजमगढ़ सीट पर नहीं टूट सका रामनरेश का रिकार्ड
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आजमगढ़। लोकसभा सीट आजमगढ़ पर 2019 के चुनाव में सपा मुखिया अखिलेश यादव भले ही बड़ी जीत दर्ज करने में सफल रहे है, लेकिन इस सीट पर जीत का रिकार्ड अभी भी स्व. रामनरेश यादव के नाम ही है। बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भी अखिलेश मत प्रतिशत में उनका रिकार्ड नहीं तोड़ सके।
2019 में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव हुआ है। संसद में जिले के प्रतिनिधित्व के लिए इस बार हुआ चुनाव 19 वां लोकसभा चुनाव था, क्योंकि आजमगढ़ संसदीय सीट पर आम चुनाव के अलावा दो उपचुनाव भी 1978 व 2008 में हुए है। आजमगढ़ संसदीय सीट का पहले चुनाव से ही काफी महत्व रहा है। 2019 के संपन्न हुए चुनाव के साथ ही 2014 के लोकसभा चुनाव में यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे। 2014 में तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव जहां इस सीट से सांसद चुने गये थे तो वहीं 2019 में वर्तमान सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ी जीत दर्ज की है। अखिलेश यादव को 60.4 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना वोट दिया। लेकिन उनकी यह जीत मत प्रतिशत में अभी भी इस सीट पर दूसरे नंबर पर ही है। इस सीट पर अब तक सर्वाधिक मत प्रतिशत का रिकार्ड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे स्व. रामनरेश यादव के नाम दर्ज है। रामनरेश यादव ने 1977 का लोकसभा चुनाव भारतीय लोक दल के टिकट पर लड़ा था और उस समय 67.26 प्रतिशत मत प्राप्त कर जीत दर्ज किए थे। 2019 के चुनाव में अखिलेश यादव ने भले ही ढाई लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की और छह लाख से अधिक मत प्राप्त किया लेकिन मत प्रतिशत में वे रामनरेश यादव के रिकार्ड से अभी भी लगभग सात प्रतिशत कम वोट ही प्राप्त कर सके।
सिर्फ रामनरेश व अखिलेश ही पार कर सके 50 प्रतिशत का आंकड़ा
लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ पर अब तक हुए 17 आम चुनाव व दो उपचुनाव में 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर जीत दर्ज करने का मौका सिर्फ दो ही प्रत्याशियों को मिला है। इसमें एक 1977 के लोकसभा चुनाव में भारतीय लोक दल के प्रत्याशी रहे स्व. रामनरेश यादव तो दूसरे 2019 में चुनाव जीतने वाले सपा के अखिलेश यादव रहे। अन्य सभी चुनाव में विजेता प्रत्याशी 50 प्रतिशत से कम मत ही प्राप्त कर विजयी घोषित हुए थे।
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2019 में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव हुआ है। संसद में जिले के प्रतिनिधित्व के लिए इस बार हुआ चुनाव 19 वां लोकसभा चुनाव था, क्योंकि आजमगढ़ संसदीय सीट पर आम चुनाव के अलावा दो उपचुनाव भी 1978 व 2008 में हुए है। आजमगढ़ संसदीय सीट का पहले चुनाव से ही काफी महत्व रहा है। 2019 के संपन्न हुए चुनाव के साथ ही 2014 के लोकसभा चुनाव में यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे। 2014 में तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव जहां इस सीट से सांसद चुने गये थे तो वहीं 2019 में वर्तमान सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ी जीत दर्ज की है। अखिलेश यादव को 60.4 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना वोट दिया। लेकिन उनकी यह जीत मत प्रतिशत में अभी भी इस सीट पर दूसरे नंबर पर ही है। इस सीट पर अब तक सर्वाधिक मत प्रतिशत का रिकार्ड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे स्व. रामनरेश यादव के नाम दर्ज है। रामनरेश यादव ने 1977 का लोकसभा चुनाव भारतीय लोक दल के टिकट पर लड़ा था और उस समय 67.26 प्रतिशत मत प्राप्त कर जीत दर्ज किए थे। 2019 के चुनाव में अखिलेश यादव ने भले ही ढाई लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की और छह लाख से अधिक मत प्राप्त किया लेकिन मत प्रतिशत में वे रामनरेश यादव के रिकार्ड से अभी भी लगभग सात प्रतिशत कम वोट ही प्राप्त कर सके।
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सिर्फ रामनरेश व अखिलेश ही पार कर सके 50 प्रतिशत का आंकड़ा
लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ पर अब तक हुए 17 आम चुनाव व दो उपचुनाव में 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर जीत दर्ज करने का मौका सिर्फ दो ही प्रत्याशियों को मिला है। इसमें एक 1977 के लोकसभा चुनाव में भारतीय लोक दल के प्रत्याशी रहे स्व. रामनरेश यादव तो दूसरे 2019 में चुनाव जीतने वाले सपा के अखिलेश यादव रहे। अन्य सभी चुनाव में विजेता प्रत्याशी 50 प्रतिशत से कम मत ही प्राप्त कर विजयी घोषित हुए थे।
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