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एडीएम एफआर और सीआरओ करेंगे दोषियों की जांच
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आजमगढ़। जनपद में आजमगढ़ लोकसभा सीट के लिए 12 मई को हुए मतदान में मुबारकपुर विधानसभा के बूथ संख्या 337 करउत में वीवीपैट के खराब होने की सूचना छिपाने के मामले की जांच जिला निर्वाचन अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी एडीएम एफआर और सीआरओ को सौंपी है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ लोकसभा सीट अंतर्गत विधानसभा मुबारकपुर के मतदेय स्थल संख्या-337 प्राथमिक विद्यालय करऊत पर 12 मई को मतदान हुआ था। मतदान के दौरान यहां वीपीपैट खराब हो गई थी। वोटर अपना वोट डाल रहे थे, लेकिन वीवपैट पर प्रत्याशी का सिंबल शो नहीं कर रहा था कि वोट किसे गया। सिबंल के रूप नें अल्फा, बीटा जैसे सिंबल आ रहे थे। वीवपैट पर प्रत्याशियों का सिंबल फीड नहीं था और आधा मतदान ऐसे ही हो गया। मतदाता ने पीठासीन अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया और आधा मतदान करा दिया गया। आधे मतदान के दौरान एक जानकार वोटर की नजर इसपर गई तो उसने इसके शिकायत की। सपाइयों को भी जानकारी होने पर इसकी शिकायत की। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इसकी जानकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी। इसके बाद एक वीवीपैट बदली गई तो वो खराब निकला। तीसरी वीवपैट लगाकर यहां पर मतदान पूरा किया गया। मतदान होने के बाद ईवीएम आदि जमा कर दी गई, लेकिन मतदान के दौरान पेश आई इस विकट समस्या का जिक्र पीठासीन अधिकारी ने अपनी डायरी में भी नहीं किया। न ही इसकी जानकारी मुख्यालय पर दी गई। इसकी शिकायत जिलाधिकारी के पास पहुंचने पर यहां 19 मई को रीपोलिंग कराई गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि प्रकरण की जांच एडीएम एफआर गुरु प्रसाद और सीआरओ हरिशंकर को सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो-जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी।
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आजमगढ़ लोकसभा सीट अंतर्गत विधानसभा मुबारकपुर के मतदेय स्थल संख्या-337 प्राथमिक विद्यालय करऊत पर 12 मई को मतदान हुआ था। मतदान के दौरान यहां वीपीपैट खराब हो गई थी। वोटर अपना वोट डाल रहे थे, लेकिन वीवपैट पर प्रत्याशी का सिंबल शो नहीं कर रहा था कि वोट किसे गया। सिबंल के रूप नें अल्फा, बीटा जैसे सिंबल आ रहे थे। वीवपैट पर प्रत्याशियों का सिंबल फीड नहीं था और आधा मतदान ऐसे ही हो गया। मतदाता ने पीठासीन अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया और आधा मतदान करा दिया गया। आधे मतदान के दौरान एक जानकार वोटर की नजर इसपर गई तो उसने इसके शिकायत की। सपाइयों को भी जानकारी होने पर इसकी शिकायत की। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इसकी जानकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी। इसके बाद एक वीवीपैट बदली गई तो वो खराब निकला। तीसरी वीवपैट लगाकर यहां पर मतदान पूरा किया गया। मतदान होने के बाद ईवीएम आदि जमा कर दी गई, लेकिन मतदान के दौरान पेश आई इस विकट समस्या का जिक्र पीठासीन अधिकारी ने अपनी डायरी में भी नहीं किया। न ही इसकी जानकारी मुख्यालय पर दी गई। इसकी शिकायत जिलाधिकारी के पास पहुंचने पर यहां 19 मई को रीपोलिंग कराई गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि प्रकरण की जांच एडीएम एफआर गुरु प्रसाद और सीआरओ हरिशंकर को सौंपी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जो-जो दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई होगी।
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