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शिक्षकों की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:44 AM IST
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आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से अनुदानित 83 हरिजन प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अर्चना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बीएसए और अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह को शामिल किया गया है। अमर उजाला की ओर से लगभग 100 फर्जी शिक्षकों के कार्यरत होने का मुद्दा उठाने और लगातर मिल रही शिक्षकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी की ओर से ये कदम उठाया गया है। कमेटी से सभी शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट तलब की गई है।
अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में शिक्षकों की जांच के लिए कमेटी के गठन की बात का खुलासा कर दिया गया था। समाज कल्याण विभाग से अनुदानित 83 हरिजन विद्यालयों में लगभग 700 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें सौ से ज्यादा शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति और नियुक्ति में लगाए गए प्रमाण-पत्रों पर हमेशा अंगुलियां उठती रही हैं। शिकायत होने पर विभाग की ओर से कभी इनका वेतन रोक दिया जाता है तो कभी जारी कर दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से शिक्षकों के समय-समय पर सत्यापन भी कराया जाता है, लेकिन किसी को पकड़ा नहीं जा सका। पड़ोसी जनपद मऊ में भी काफी संख्या में फर्जी शिक्षकों का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इसकी प्रभावी जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।
मऊ की तरह आमगढ़ में भी हुआ है खेल
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से अनुदानिक विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सिर्फ मऊ जिले में ही खेल नहीं खेला गया है। पूरे प्रदेश में इस तरह का खेल खेला गया है। शासन से मिले इनपुट के आधार पर ही डीडी समाज कल्याण विभाग की ओर से ये कार्रवाई की गई है। जनपद में भी इस तरह के खेल को बड़े पैमाने पर किया गया है। जिसे शिक्षक की नियुक्ति के लिए 2010 में अनुमोदन मिला है, उसकी नियुक्ति 2017 में कई गई है। बैकडेट में नियुक्ति के इस खेल में करोड़ों की कमाई की गई है। जिस स्कूलों में 50 बच्चे हैं वहां मानक से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। आजमगढ़ में भी कार्रवाई का डंडा कभी चल सकता है।
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कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से संचालित पड़ोसी जनपद के विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी मऊ के बीएसए दफ्तर में छापेमारी करने, 20 प्रबंधकों और 35 शिक्षकों को खिलाफ एफआईआर करने की जानकारी के बाद जनपद में फर्जी शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। फर्जी शिक्षकों में नौकरी जाने का डर सताने लगा है। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी सकते में हैं कि कहीं उनकी भी गर्दन न फंस जाए। क्योंकि यहां भी शिक्षकों से वसूली कर बैक डेट में नियुक्ति का खेल लंबे स्तर पर खेला गया है।
समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के कई शिकायतें संज्ञान में आई हैं। सभी शिक्षकों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी को बनाया गया है। जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी शिक्षकों को पकड़े जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीबी सिंह, जिलाधिकारी
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अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में शिक्षकों की जांच के लिए कमेटी के गठन की बात का खुलासा कर दिया गया था। समाज कल्याण विभाग से अनुदानित 83 हरिजन विद्यालयों में लगभग 700 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें सौ से ज्यादा शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति और नियुक्ति में लगाए गए प्रमाण-पत्रों पर हमेशा अंगुलियां उठती रही हैं। शिकायत होने पर विभाग की ओर से कभी इनका वेतन रोक दिया जाता है तो कभी जारी कर दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग की ओर से शिक्षकों के समय-समय पर सत्यापन भी कराया जाता है, लेकिन किसी को पकड़ा नहीं जा सका। पड़ोसी जनपद मऊ में भी काफी संख्या में फर्जी शिक्षकों का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इसकी प्रभावी जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।
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मऊ की तरह आमगढ़ में भी हुआ है खेल
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से अनुदानिक विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सिर्फ मऊ जिले में ही खेल नहीं खेला गया है। पूरे प्रदेश में इस तरह का खेल खेला गया है। शासन से मिले इनपुट के आधार पर ही डीडी समाज कल्याण विभाग की ओर से ये कार्रवाई की गई है। जनपद में भी इस तरह के खेल को बड़े पैमाने पर किया गया है। जिसे शिक्षक की नियुक्ति के लिए 2010 में अनुमोदन मिला है, उसकी नियुक्ति 2017 में कई गई है। बैकडेट में नियुक्ति के इस खेल में करोड़ों की कमाई की गई है। जिस स्कूलों में 50 बच्चे हैं वहां मानक से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। आजमगढ़ में भी कार्रवाई का डंडा कभी चल सकता है।
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कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से संचालित पड़ोसी जनपद के विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में जिलाधिकारी मऊ के बीएसए दफ्तर में छापेमारी करने, 20 प्रबंधकों और 35 शिक्षकों को खिलाफ एफआईआर करने की जानकारी के बाद जनपद में फर्जी शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति है। फर्जी शिक्षकों में नौकरी जाने का डर सताने लगा है। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी सकते में हैं कि कहीं उनकी भी गर्दन न फंस जाए। क्योंकि यहां भी शिक्षकों से वसूली कर बैक डेट में नियुक्ति का खेल लंबे स्तर पर खेला गया है।
समाज कल्याण विभाग से अनुदानित विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति के कई शिकायतें संज्ञान में आई हैं। सभी शिक्षकों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी को बनाया गया है। जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी शिक्षकों को पकड़े जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीबी सिंह, जिलाधिकारी