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अहरौला ब्लाक प्रमुख की कुर्सी को लेकर तेज हुआ घमासान
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:32 PM IST
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अहरौला। क्षेत्र पंचायत अहरौला के ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी को लेकर घमासान तेज हो गया है। ब्लॉक प्रमुख राजेश्वर के खिलाफ 18 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा। अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाले मतदान को लेकर गुणा गणित का कार्य तेजी से चल रहा है।
सरकार बदलने के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में फूलपुर से भाजपा विधायक अरूण कांत यादव के नेतृत्व मे 64 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हलफनामे के साथ डीएम को शपथ पत्र सौंपा था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को शपथ पत्र के पुनरीक्षण का काम सौंपा था। पुनरीक्षण पूरा होने पर डीएम कार्यालय से 18 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव के लिए तारीख निश्चित कर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए सूचना भेजी गई है। ऐसे में दोनों पक्षों की हलचल तेज हो गई है। एक ओर समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रमुख शकील अहमद के ड्राइवर रहे राजेश्वर मौजूदा समय में प्रमुख हैं और उनके प्रमुख बनने के समय शपथ पत्र में लगाए गए निवास स्थान का मामला पहले से ही फूलपुर एसडीएम कोर्ट में लंबित है। वहीं अविश्वास की तारीख मिलने पर जहां एक ओर पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र और विधायक अरूणकांत मोर्चे पर हैं वहीं दूसरी ओर अतरौलिया के कद्दावर सपा नेता और पूर्व मंत्री बलराम यादव सहित अन्य मोर्चा सभालेंगे। दोनों ओर से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने की मुहिम तेज हो गई है। सुरक्षित सीट होने के कारण प्रमुख चुनाव में राजेश्वर और अनीता राज मात्र दो ही प्रत्याशी मैदान मे उतरे थे। मतदान के बाद 50 मत राजेश्वर और 48 मत अनीता राज को प्राप्त हुए थे। तीन मतपत्रों पर क्रास किया गया था। अहरौला में कुल 101 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं।
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सरकार बदलने के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में फूलपुर से भाजपा विधायक अरूण कांत यादव के नेतृत्व मे 64 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हलफनामे के साथ डीएम को शपथ पत्र सौंपा था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को शपथ पत्र के पुनरीक्षण का काम सौंपा था। पुनरीक्षण पूरा होने पर डीएम कार्यालय से 18 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव के लिए तारीख निश्चित कर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए सूचना भेजी गई है। ऐसे में दोनों पक्षों की हलचल तेज हो गई है। एक ओर समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रमुख शकील अहमद के ड्राइवर रहे राजेश्वर मौजूदा समय में प्रमुख हैं और उनके प्रमुख बनने के समय शपथ पत्र में लगाए गए निवास स्थान का मामला पहले से ही फूलपुर एसडीएम कोर्ट में लंबित है। वहीं अविश्वास की तारीख मिलने पर जहां एक ओर पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र और विधायक अरूणकांत मोर्चे पर हैं वहीं दूसरी ओर अतरौलिया के कद्दावर सपा नेता और पूर्व मंत्री बलराम यादव सहित अन्य मोर्चा सभालेंगे। दोनों ओर से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने की मुहिम तेज हो गई है। सुरक्षित सीट होने के कारण प्रमुख चुनाव में राजेश्वर और अनीता राज मात्र दो ही प्रत्याशी मैदान मे उतरे थे। मतदान के बाद 50 मत राजेश्वर और 48 मत अनीता राज को प्राप्त हुए थे। तीन मतपत्रों पर क्रास किया गया था। अहरौला में कुल 101 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं।
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