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जनसंख्या तो बढ़ी, बुनियादी सुविधाओं अभी भी दूर
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:10 PM IST
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आजमगढ़। 2001 में साढ़े 39 लाख से 2011 में जिले की जनसंख्या बढ़कर 46 लाख के पार हो गई। वर्तमान में जिले की जनसंख्या 50 लाख के आसपास बताई जा रही है। यानी पिछले 17 साल में जिले की पॉपुलेशन 11 लाख के करीब बढ़ चुकी है। परिवार नियोजन के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से काफी प्रयास भी किए जाते हैं। इसके बाद भी जिले की आबादी तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। इसका एक बड़ा कारण ये है कि विभाग महिलाओं को तो नसबंदी के लिए अस्पताल तक लाने में कामयाब हो जाता है, लेकिन पुरुषों की उदासीनता अभी तक दूर नहीं हुई है।
परिवार नियोजन की बात करें तो सरकार की ओर से टारगेट खत्म करने के बाद पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर स्थानीय स्तर पर 8756 महिलाओं की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 6917 नसबंदी हो सकी है। वहीं, पुरुषों के लिए मात्र 25 नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था जिसके सापेक्ष 26 नसबंदी कर ली गई। हालांकि विभाग का कहना है कि नसबंदी के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। शहर के पढ़े-लिखे लोगों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अस्थाई और स्थाई नसबंदी के प्रति रुचि ले रहे हैं। हालांकि पुरुषों की उदासीनता विभाग के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। वहीं, बढ़ती जनसंख्या की अपेक्षा बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो सच्चाई दर्द देती है। जिले के खाते में चुनिंदा चीजें ही हैं। आज भी लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास की दरकार है।
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परिवार नियोजन की बात करें तो सरकार की ओर से टारगेट खत्म करने के बाद पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर स्थानीय स्तर पर 8756 महिलाओं की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 6917 नसबंदी हो सकी है। वहीं, पुरुषों के लिए मात्र 25 नसबंदी का लक्ष्य रखा गया था जिसके सापेक्ष 26 नसबंदी कर ली गई। हालांकि विभाग का कहना है कि नसबंदी के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। शहर के पढ़े-लिखे लोगों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी अस्थाई और स्थाई नसबंदी के प्रति रुचि ले रहे हैं। हालांकि पुरुषों की उदासीनता विभाग के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। वहीं, बढ़ती जनसंख्या की अपेक्षा बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो सच्चाई दर्द देती है। जिले के खाते में चुनिंदा चीजें ही हैं। आज भी लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास की दरकार है।
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