देवारा क्षेत्र में अभी भी जारी है अवैध बालू का खनन

Varanasi Bureau Updated Sat, 03 Jun 2017 11:47 PM IST
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देवारा क्षेत्र में हो रहा अवैध बालू का खनन
लाटघाट/मुबारकपुर। शासन के निर्देश पर बालू और मिट्टी खनन पर सख्ती से रोक लगाने के बाद पुलिस यदा-कदा कार्रवाई तो कर रही है लेकिन जिले में बालू और मिट्टी के खनन पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग सका है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवारा में सफेद बालू का काला कारोबार जारी है। वहीं मुबारकपुर में मिट्टी का खनन किया जा रहा है। पुलिस की सख्ती का असर महज इतना पड़ा है कि अब दिन की जगह रात में खनन किया जा रहा है। प्रतिदिन रात 11 बजे से भोर तक बालू का खनन किया जाता है। सूर्योदय से पहले बालू और मिट्टी ट्रैक्टर ट्रालियों पर भर कर भेज दी जाती हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के महुला से हैदराबाद तक लगभग दो दर्जन से अधिक स्थानों पर रोक लगने से पूर्व बालू खनन हुआकरता था। सफेद बालू का खनन लाटघाट से महुला, हाजीपुर, हैदराबाद, हैदराबाद, इस्माइलपुर, रोशनगंज, सिंहीगढ़, परसिया, बैजाबारी, रौनापार में खनन होता रहा है। यहां से यह बालू आजमगढ़, बिलरियागंज, मुबारकपुर, बूढ़नपुर, अतरौलिया, अंबेडकर नगर और मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद, घोसी और मऊ तक भेजाता जाता था। एक दिन में करीब 100 से 200 ट्राली और 50 से 100 ट्रक बालू का खनन करके बेचा जाता था।
शासन से बालू खनन पर सख्ती से रोक लगाने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और छापेमारी की कार्रवाई हुई।पिछले दिनों बंधे के उत्तर अजगरा मगर्वी में खनन की सूचना पर पहुंची पुलिस पहुंची थी और खनन माफिया थाने ले गई थी। यदा-कदा हुई कार्रवाई से खनन माफिया में खलबली मची लेकिन इसके बाद भी पुलिस की मिलीभगत से वर्तमान में रौनापार थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में चोरी छिपे बालू का खनन हो रहा है। महुला गढ़वल बांध के उत्तर घाघरा नदी के किनारे खनन लगातार जारी है। पहले अवैध धंधा करने वाले दिन में खनन करते थे लेकिन सख्ती बढ़ने के बाद रात 11 बजे से भोर में चार बजे तक तेजी से खनन किया जा रहा है। वर्तमान में रौनापार थाना क्षेत्र के महुला, मानिकपुर, अजगरा मगर्वी, खरैलिया, रोशनगंज, हैदराबाद, सिंहीगढ़, बैजाबारी, अराजी देवारा नैनीजोर, करखिया आदि स्थानों पर पुलिस की मिलीभगत से चोरी छिपे खनन का कार्य हो रहा है।
मुबारकपुर संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है। क्षेत्र में मिट्टी खनन के बाद जिले में भवन निर्माण के कार्य के लिए मिट्टी की सप्लाई की जा रही है। इसकी शिकायत मिलने पर शुक्रवार की रात क्षेत्राधिकारी सच्चिदानंद ने छापेमारी कर दो जेसीबी और चार ट्रैक्टर ट्राली बरामद किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मचा है। शनिवार को कहीं मिट्टी खनन नहीं होता पाया गया।
तिगुने से भी अधिक हुआ रेट
लाटघाट। बालू और मिट्टी खनन पर सख्ती से रोक लगाए जाने के बाद भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाले इन दोनों वस्तुओं की कीमत बढ़ गई है। रौनापार क्षेत्रके घाघरा के तट पर सफेद बालू का खनन वर्षों से चलता चला आ रहा है। यहां का बालू पहले 15 सौ से दो हजार रुपये प्रति ट्राली बिका करता था लेकिन अब इसकी कीमत तीन हजार से पांच हजार रुपये प्रति ट्राली हो गई है। इसी प्रकार पहले ढाई सौ रुपये ट्राली बिकने वाली मिट्टी चार से पांच सौ रुपये प्रति ट्राली मिट्टी मिल रही है। खनन पर रोक लगने के बाद चोरी छिपे खनन कर इसकी सप्लाई की जा रही है।

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