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देश में दो प्रोजेक्ट लांच करेंगे प्रवासी भारतीय

Sat, 19 Jan 2019 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:42 AM IST
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देश में दो प्रोजेक्ट लांच करेंगे प्रवासी भारतीय
आजमगढ़। जिले के मूल निवासी व प्रवासी भारतीय डॉ. सूर्य कुमार सिंह मेक इन इंडिया के तहत देश में यूरोपियन तकनीकी के कृषि वाहन व मैट्रेस के प्रोजेंट लांच करेंगे। वाराणसी में आयोजित प्रवासी भारतीय समिट में प्रतिभाग करने आए डॉ. सूर्य कुमार सिंह शुक्रवार को अपने गृह जिले में आए और मीडिया से रूबरू होकर अपनी योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि देश में ट्रैक्टर ट्राली का काफी प्रयोग होता है। लेकिन यहां की ट्राली में न तो ब्रेक होता है न ही बैक लाइट आदि की ही व्यवस्था होती है। इतना ही नहीं लोडेड होने के बाद चालक जब ब्रेक लगाता है तो ट्रैक्टर तो रूक जाता है लेकिन लोडेड ट्राली तत्काल नहीं रूक पाती जिसके चलते हादसे हो जाते है। हाइड्रोलिक व्यवस्था काफी महंगी है। जिसके चलते वे जमशेदपुर में एएसएल कंपनी के साथ मिल कर यूरोपियन तकनीक से हल्के और सस्ते ट्राली व अन्य कृषि वाहन का निर्माण करेंगे। लंदन में स्थित उनकी कंपनी सुसाइमो इंटरनेशनल लिमिटेड तकनीक उपलब्ध करायेगी। कच्चा माल टाटा स्टील से लिया जाएगा। यह ट्राली पूरी तरह से फोल्डिंग होगा। इन ट्राली में ब्रेक भी होगा और बैक लाइट भी रहेगी। इतना ही नहीं वर्तमान में प्रयोग होने वाले ट्राली से यह काफी हल्की और मजबूत होगी। इसके साथ ही दूसरा प्रोजेक्टर हरियाणा के मुंडका स्थित कंपनी के साथ मैट्रेस बनाने का है। यह प्रोजेक्टर जुलाई से शुरू हो जाएगा और ट्राली का उत्पादन दिसंबर तक होगा। डॉ. सूर्यकुमार सिंह जहानागंज ब्लाक क्षेत्र के सोनापुर गांव के मूल निवासी है और 22 वर्षो से लंदन में रह रहे है। वे ब्रिटिश स्टील यूनाइटेड किंगडम के पूर्व बिजनेश डेवलपमेंट निदेशक भी रह चुके है।
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ब्लैक पाटरी को प्रमोट करने के लिए देंगे सुझाव
आजमगढ़। डॉ. सूर्य कुमार सिंह ने कहा कि अपने जिले की मिट्टी से उन्हें बहुत प्यार है। यहां की ब्लैक पाटरी काफी प्रसिद्ध है लेकिन इसे प्रमोट करने का सार्थक प्रयास नहीं हुआ है। इसके लिए वे शनिवार को जिलाधिकारी से मिलेंगे और ब्लैक पाटरी को प्रमोट करने के लिए अपने सुझाव देंगे। उन्होंने कहा कि आज से 10 वर्ष पूर्व तक यूरोप में सब्जी भारत से जाती थी लेकिन आज सिर्फ हरी मिर्च ही जाती है। इसका कारण सब्जी उत्पादन में रासायनिक खाद का ज्यादा प्रयोग है। उन्होंने किसानों को भी सलाह दिया कि कम से कम रासायनिक खाद का प्रयोग कर उत्पादन बढ़ाये।
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